
रायपुर. राज्य सरकार द्वारा साहूकारी लाइसेंस के लिए 02 अक्टूबर से ऑनलाईन सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के वेबसाईट https://revenue.cg.nic.in के मुख्य पृष्ठ पर साहूकारी लाइसेंस के लिए आवेदन करने का लिंक दिया गया है। जिसमें साहूकारी लाइसेंस आप्शन में जानकारी साहूकारी लाइसेंस के नवीनीकरण एवं नये लाइसेंस हेतु आवेदन किया जा सकता है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मंत्रालय महानदी भवन से राज्य के सभी कलेक्टरों को पत्र भेजकर साहूकारी लाइसेंस के लिए ऑनलाईन प्राप्त आवेदनों का निराकरण कर एक माह की समय सीमा में लाइसेंस जारी किया जाना सुनिश्चित करने कहा गया है। ऑनलाईन आवेदन एवं ई-कोर्ट के माध्यम से निराकरण की प्रक्रिया के तहत आवेदक को व्यक्तिगत जानकारी देनी होती है। ओटीपी के लिए मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद आवेदन की सामान्य जानकारी की एंट्री होगी।
आवेदक को जिला चुनकर जिस न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करना है उसे सलेक्ट करना होगा। आवेदन के फार्मेट में आवेदक को पेन कार्ड, आधार कार्ड, पुराने साहूकारी लाइसेंस, इन्कमटेक्स रिर्टन आदि अपलोड करने होंगे। अपलोड प्रक्रिया के बाद आवेदक को मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त होगा और ओटीपी सत्यापन होने पर आवेदन जमा हो जाएगा। आवेदक को एक आवेदन क्रमांक प्राप्त होगा, जिससे वह अपने आवेदन की स्थिति को पता लगा सकेगा। ऑनलाईन आवेदन प्राप्त होने के बाद ई-कोर्ट व्यवस्था के तहत अनुज्ञा जारी करने की कार्यवाही की जाएगी।
न्यायालय के रीडर द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन कर प्रकरण दर्ज किया जाएगा। इसके बाद न्यायालय में सुनवाई पश्चात पीठासीन अधिकारी द्वारा आदेश पत्र जारी किया जाएगा। ई-कोर्ट अंतर्गत बयान दर्ज करने की सुविधा दी गई है। प्रकरण में अंतिम आदेश होने पर साहूकारी पंजीयन प्रमाण पत्र अपलोड किया जाएगा। आवेदक राजस्व न्यायालय के मुख्य पृष्ठ पर आवेदन क्रमांक के माध्यम से आवेदन की स्थिति जारी आदेश पत्र एवं साहूकारी पंजीयन प्रमाण पत्र डाउनलोड कर प्राप्त कर सकते हैं।
लेकिन, नियमों को ठेंगा दिखा रहे सूदखोर...
प्रदेश में साहूकारी लाइसेंस के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं, लेकिन इन नियमों को ठेंगा दिखाकर सूदखोर ऊंची और मनमानी दर पर ब्याज वसूल रहे हैं। यही हाल फाइनेंस ब्रोकरो का है। प्रशासनिक स्तर पर मानिटरिंग की कोई व्यवस्था नहीं होने से सूदखोर चांदी काट रहे हैं। सूदखोरी के धंधे में हर माह लाखों का फायदा देखकर अब गुंडे-बदमाश भी इस कारोबार में कूद गए हैं। दूसरों के लाइसेंस पर धड़ल्ले से कारोबार कर रहे हैं। यही नहीं, कर्जदारों से ब्याज का मनमाना पैसा वसूलने मसल्स पावर(बाउंसर) का इस्तेमाल कर रहे हैं। पैसा न देने पर अगवा कर मारपीट, धमकी और ब्लैकमेल किया जाता है।
Updated on:
03 Oct 2020 07:26 pm
Published on:
03 Oct 2020 07:22 pm
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