
Opposition move no confidence motion against Raman govt in CG
रायपुर . विधानसभा का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर से होना है। इस सत्र में विपक्ष सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रहा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष भूपेश बघेल ने इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने रविवार को कहा, जनता को सरकार पर भरोसा नहीं रह गया है। इस हथियार के जरिए कांग्रेस सरकार को उन सभी मुद्दों पर बहस में उतारना चाहती है, जिनसे सरकार असहज हो सकती है। 4 दिन के सत्र में कांग्रेस की कोशिश कम से कम दो दिन बहस को खींचने की होगी ताकि सभी मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जा सके।
बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र के तीसरे दिन ही खत्म होने से जिन विषयों को कांग्रेस उभार नहीं पाई थी, उसे इस प्रस्ताव के जरिए सदन में रखा जाना है। बताया जा रहा है कि इसको लेकर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने बताया कि रायपुर में 18 दिसंबर की शाम प्रस्तावित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव की रणनीति बनेगी। इससे पहले 2015 के मॉनसून सत्र में कांग्रेस ने इस प्रस्ताव का उपयोग किया था।
दूसरी बार होगा एेसा
छत्तीसगढ़ के संसदीय इतिहास में एेसा दूसरी बार होगा जब पांच वर्ष की अवधि में विपक्ष ने दूसरी बार सरकार पर अविश्वास जताया है। पहली विधानसभा में भाजपा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी की सरकार के खिलाफ सितंबर-अक्टूबर 2002 में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। नेता प्रतिपक्ष नंद कुमार साय का यह प्रस्ताव 22 के मुकाबले 61 मतों से गिर गया था। 2003 के मॉनसून सत्र में फिर से यह प्रस्ताव आया, जिसे भी मतदान के बाद खारिज होना पड़ा था।
विधायकोंं ने पूछे 589 सवाल
19 से 22 दिसंबर तक के चार दिनों के सत्र में विधायकों ने सरकार से 589 सवाल पूछे हैं। विधानसभा के सचिव चंद्रशेखर गंगराड़े ने बताया कि इनमें से 296 को तारांकित प्रश्नों के रूप में चिह्नित किया गया है। इनका जवाब मंत्री सदन में देंगे। शेष 293 प्रश्नों को अतारांकित की श्रेणी में रखा गया है।
Published on:
13 Dec 2017 12:49 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
