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भिखारी के लिए गीत लिखकर हुए मशहूर, आज 77 साल की उम्र में कवि को नवाजा जा रहा राज्य अलंकरण पुरस्कार से

chhattisgarh rajyotsava 2022 : इस गाने में उन्होंने भिखारी की करूण पुकार के साथ-साथ उनके गरीबी और लाचारी को गीत के जरिए बयां किया था। भिखारी (Poet Rameshwar Vaishnav) के लिए खिले गाने का बोल था बने करे राम मोला अंधरा बनाए...

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भिखारी के लिए गीत लिखकर हुए मशहूर, आज 77 की उम्र में कवि को मिला राज्य अलंकरण पुरस्कार

भिखारी के लिए गीत लिखकर हुए मशहूर, आज 77 की उम्र में कवि को मिला राज्य अलंकरण पुरस्कार

रायपुर। राज्योत्सव (chhattisgarh rajyotsava 2022) के मौके पर आज साहित्य के क्षेत्र में कवि रामेश्वर वैष्णव (Poet Rameshwar Vaishnav) को 77 की उम्र में पं. सुंदरलाल शर्मा को अलंकरण से नवाजा जा रहा है। वैष्णव ने कहा कि मुझे तो कोई उम्मीद नहीं थी, मिल गया यही बहुत है। आपको यह जानकर बेहद ही हैरानी होगी कि कवि रामेश्वर वैष्णव ने भिखारी के लिए एक गीता लिखा था। इस गाने में उन्होंने भिखारी की करूण पुकार के साथ-साथ उनके गरीबी और लाचारी को गीत के जरिए बयां किया था। भिखारी के लिए खिले गाने का बोल था बने करे राम मोला अंधरा बनाए.. ।

रामेश्वर वैष्णव ने कही ये बात

रामेश्वर वैष्णव ने बताया, ट्रेन में बाबूलाल नाम का भिखारी मेरे गीत गाकर भीख मांगता था। एक बार मेरे ही गीत पर मुझसे भीख मांगने लगा। मैंने कहा कि इतने अच्छे गीत पर भीख मांग रहे हो। ऐसा मत करो भाई। उसने कहा कि आप मेरे लिए कोई दूसरा गीत लिख दीजिए। मैंने बड़ी मशक्कत के बाद डेढ़ महीने में एक गीत लिखा- बने करे राम मोला अंधरा बनाए...। इस गीत के बाद उसे भी प्रसिद्धि मिली और मुझे भी। उसके तो दिन ही बदल गए। उसने घर ही खरीद लिया। वैष्णव ने बताया कि अब तक मैंने 1 हजार से ज्यादा छत्तीसगढ़ी कविता व गीत लिखे हैं। 21 किताबें हैं। 1967 में पहली कविता लिखी।

इंजीनियरिंग पलाश ने गुल्लक में बटोरे अवॉर्ड

इंजीनियरिंग पलाश की मेहनत को भी छत्तीसगढ़ सरकार आज सम्मानित कर रहा है। 38 वर्षीय पलाश वासवानी ने पॉपुलर सीरीज गुल्लक -2 और गुल्लक-3 डायरेक्ट की है। गुल्लक -2 ने तो फिल्मफेयर 2021 (ओटीटी अवॉर्ड्स) में पांच कैटिगिरी में अवॉर्ड झटक लिए थे। वे बताते हैं इंजीनियरिंग के बाद मैंने इंफोसिस ज्वाइन किया था। मैं इलेक्ट्रानिक से हूं लेकिन वहां कम्प्यूटर साइंस का काम था इसलिए टेस्ट में फेल हो गया। डिजाइन में मास्टर्स करने के बाद कई एड फिल्में और डॉक्युमेंट्री बनाई। एडिटिंग से लेकर सिनेमेटोग्राफी का काम किया। इसी बीच मेरी मुलाकात टीवीएफ के फाउंडर से हुई। मैं दो फिल्मों के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा हूं। इसमें से एक प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ में करूंगा।