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पता पूछो नहीं स्कैन करो: हाईटेक हुआ घर का एड्रेस, अब घरों में चिपकाए जा रहे QR code

बहार से आए मेहमान, शॉपिंग या फूड डिलीवर वाले या किसी को अपने नए बने मकान का सटीक अड्रेस बता पाना काफी पेचीदा काम है और उस अड्रेस को ढूंढ पाना उससे भी ज्यादा कठिन। इसी समस्या से निजात दिलाने और शहरवासियों के घरो के पतों को स्मार्ट बनाने के उद्देश्य से स्मार्ट सिटी बिलासपुर द्वारा घरों के बाहर डोर टू डोर नंबर पता क्यूआर कोड चिपकाए जा रहे हैं।

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बिलासपुर. वर्तमान समय में लगाए जा रहे इन स्कैनरों को स्कैन (scan) करने पर एक यूनिक नंबर (Unique number) दिखाई पड़ता है जो आपके घर का यूनिक आइडेंटिटी नंबर होता है। जल्द ही इन नम्बरों को आपके मोहल्ले, क्षेत्र और आपके मकान नंबर के साथ जोड़ा जाएगा। जिससे आप आने वाले समय में किसी को भी बस एक स्कैनर सेंड (scanner send) कर अपना सटीक अड्रेस बता सकेंगे। वर्तमान में इसे सरकंडा, जूना बिलासपुर समेत तमाम पुराने नगर निगम क्षेत्रों के घरों में लगाया गया है तो वहीं बाकि के क्षेत्रों में इसे जल्द से जल्द लगाए जाएगा।

इस प्रोजेक्ट में स्मार्ट सिटी (smart city) क्षेत्र की कोई बाध्यता नहीं है। इस योजना को पूरे शहर में लागू किया जाएगा और हर एक घर को क्यूआर कोड (Qr Code) के जरिये यूनिक आइडेंटिटी नंबर (unique identification number) के साथ जोड़ा जाएगा। इससे शहरवासियों को आने वाले समय में अनेक तरह के फायदे मिलेंगे। अभी इसके अपडेटेड वर्जन लाने की भी तयारी चल रही है। भविष्य में सम्पत्ति कर जमा करने के लिए भी इसे उपयोग में लाया जाएगा।
कुणाल दुदावत, आयुक्त, स्मार्ट सिटी

इसका दूसरा वर्जन भी लाने की तैयारी...
स्मार्ट सिटी द्वारा क्यूआर कोड (QR Code by Smart City) का दूसरा वर्जन लाने की तयारी की जा रही है जिसके माध्यम से हर घर की एक यूनिक पहचान तैयार की जाएगी और इसे लोकेशन और लेन, स्ट्रीट नंबर (Location and Lane, Street Number) के हिसाब से बांटा जाएगा। इसके माध्यम से स्कैन करने वाले व्यक्ति को घर से जुड़ी तमाम जानकारियां उपलब्ध हो जाएंगी जैसे घर का मालिक कौन है, घर का खसरा नंबर, प्रॉपर्टी टैक्स पटा है कि नहीं जैसे तमाम जानकारियां केवल एक स्कैन से मिल जाया करेगी।

लाइव लोकेशन देख सकेंगे...
आने वाले समय में इस क्यूआर कोड के माध्यम से आप अपने मित्रों, परिवार और अन्य लोगों के साथ अपने घर का सटीक लोकेशन भेज सकते हैं। इन स्कैनरों को गूगल मैप के साथ लिंक किया जाएगा जिससे इस कोड को स्कैन करते ही आपके गूगल मैप में सीधे आपके दरवाजे तक का सटीक लोकेशन दर्शाएगा। आने वाले समय में इस कोड को ही स्कैन कर सम्पत्तिकर भी पटाया जाएगा इससे भवन मालिकों को भी सहूलियत होगी।

घरों के नंबरिंग का मॉडर्न तरीका
हर क्षेत्र में टेक्नोलॉजी के इस्तमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में जुड़ते हुए बिलासपुर स्मार्ट सिटी ने भी शहर के घरों के बार कोड के जरिये एक यूनिक आइडेंटिटी नंबर देने के कोशिश कर रही है। जिससे भविष्य में क्यूआर नंबर डालते ही बड़े ही आसानी से आपको अड्रेस की जानकारी मिल जाएगी।

क्या होता है अड्रेस क्यूआर कोड स्कैनर
इस तरह के क्यूआर स्कैनर को स्कैन किए जाने पर यह कोड आपको गूगल मैप के जरिये सीधे क्यूआर कोड में दी गई सटीक पते पर ले जाता है और भ्रामक रास्तों पर जाने से बचते हैं। यह ठीक व्हाट्सप्प के लाइव लोकेशन की तरह काम करता है। बस घरों और ऑफिसों के मामलों में यह हमेशा एक ही स्थान दर्शाता है जबकि लाइव लोकेशन बदलती रह सकती है।