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Raipur: खुटेरी लेक बना हादसे का हॉट स्पॉट, जलाशय में डूबे तीसरे छात्र का शव दूसरे दिन बरामद..मचा कोहराम

locationरायपुरPublished: Feb 10, 2024 10:57:56 am

Submitted by:

Khyati Parihar

Raipur News: कभी सेल्फी लेने तो कभी नहाने और मूर्ति विसर्जन करने के चक्कर में जहां हर साल कई छात्रों की जान चली जाती है, वहां जिम्मेदारों ने खतरे का एक संकेतक तक नहीं लगवाया है। शहर के आउटर में स्थित खुटेरी लेक, ब्लू वाटर टैंक, काठाडीह एनीकट, उरला में खारून नदी से लगे पठारीडीह, गुमा, बाना और खारुन जैसे स्पॉट में हर साल छात्रों और युवाओं की पानी में डूबने से मौत हो जाती है।

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Chhattisgarh News: कभी सेल्फी लेने तो कभी नहाने और मूर्ति विसर्जन करने के चक्कर में जहां हर साल कई छात्रों की जान चली जाती है, वहां जिम्मेदारों ने खतरे का एक संकेतक तक नहीं लगवाया है। शहर के आउटर में स्थित खुटेरी लेक, ब्लू वाटर टैंक, काठाडीह एनीकट, उरला में खारून नदी से लगे पठारीडीह, गुमा, बाना और खारुन जैसे स्पॉट में हर साल छात्रों और युवाओं की पानी में डूबने से मौत हो जाती है। इसके बाद भी इन स्थानों में खतरे और गहराई के संबंध में कोई संकेतक नहीं लगाए गए हैं। इस कारण पहली बार इन स्थानों पर आने वालों को जलाशय की गहराई का अंदाजा नहीं हो पाता। खतरा भी भांप नहीं पाते।
केस-1: 11 जून 2023 को बीरगांव के गाजीनगर निवासी नदीम अंसारी, शाहबाज अंसारी, फैजल आजम और असगर अली एयरपोर्ट की ओर घूमने गए थे। इस दौरान माना के ब्लू वाटर खदान में चारों नहाने उतरे। नहाते समय गहराई में जाने से तीन युवकों की मौत हो गई थी। एक युवक बच गया था।
केस-2: सितंबर 2023 में साल काठाडीह एनीकट में नहाने गए तीन छात्रों की डूबने से मौत हो गई थी। पहले दिन एक छात्र का शव मिला। दूसरे दिन दो लोगों की बॉडी मिली। तीनों 11वीं-12वीं के छात्र थे।
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इन स्थानों पर हमेशा खतरा

माना थाना क्षेत्र के ब्लू वाटर टैंक, खारून नदी के काठाडीह एनीकट, खुटेरी लेक, महादेव घाट, उरला के पठारीडीह, गुमा और बाना घाट में अक्सर डूबने से छात्रों, युवक और अन्य लोगों की जान जाती है। पिछले दो सालों में 20 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी हैं।
इसलिए होती है घटना

ये स्थान पिकनिक स्पॉट और सेल्फी पाइंट के रूप में डवलप हो चुके हैं। इन स्थानों सबसे ज्यादा युवक-युवतियां घूमने जाते हैं। ये सभी अलग-अलग स्थानों से जाते हैं। इस कारण जलाशय की गहराई समझ नहीं पाते हैं। इसके अलावा कई लोग तैरना नहीं आने के बावजूद गहरे पानी में उतर जाते हैं। इसके चलते हादसे का शिकार हो रहे हैं।
क्या होना चाहिए

- संकेतक बोर्ड, जिसमें जलाशय की गहराई और खतरे को लेकर अगाह किया गया हो।
- थाने का या इमरजेंसी नंबर
- स्थानीय गोताखोर, एसडीआरएफ के संपर्क नंबर की जानकारी
- जलाशय के चारों ओर घेरा, गहराई वाले हिस्से की जानकारी
- अनावश्यक रूप या अवैध खुदाई का भराव करना
सुबह मिला छात्र का शव

खुटेरी जलाशय में डूबे तीसरे छात्र का शव सुबह करीब 8.30 बजे मिला। गुरुवार की दोपहर कलिंगा यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहे सुधांशु जायसवाल, आदित्य कुमार झा, आदित्य कुमार वर्मा जलाशय में घूमने आए थे। इस दौरान नहाते समय तीनों जलाशय में डूब गए थे। आदित्य झा का शव बरामद नहीं हुआ था। शुक्रवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने उसका शव बरामद कर लिया। दो छात्रों के शव का पोस्टमार्टम हो गया। तीसरे छात्र के परिजनों के नहीं पहुंचने पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है।
खुटेरी लेक के आसपास सावधानी को लेकर सूचना बोर्ड लगाने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा जाएगा। -रोहित मालेकर, टीआई, मंदिरहसौद, रायपुर

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