
एनआईटी सेंटर से पेपर देकर निकलते अभ्यर्थी।
ताबीर हुसैन @ रायपुर.मेडिकल कॉलेज यूजी में दाखिले के लिए रविवार को राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) का आयोजन देशभर में हुआ। इसके लिए रायपुर में 13 सेंटर बनाए गए थे। बारिश के चलते अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को खासी परेशानी हुई। परीक्षा दोपहर दो बजे से शुरू होकर शाम 5.20 को खत्म हुई। उसी वक्त रायपुर में अच्छी बारिश हो रही थी। सभी के पैरेंट्स बच्चों को लेने छाता लेकर पहुंचे। जहां देखो छाते ही छाते नजर आने लगे थे। स्कूल के सामने वाली सड़क पर जाम की स्थिति बन गई थी। एनआईटी स्थित सेंटर से पेपर देकर निकले कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि, हमें गलत पेपर दे दिया गया था। अंग्रेजी की बजाय हिंदी का पेपर मिला। जब परीक्षा लेने वालों को इस बात का पता चला तो वे कहने लगे कि आप लोगों को आधे घंटे का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। पेपर में नाम और रोल नंबर भी लिख दिए गए थे जिसे काटकर हमने अपना नाम व रोल नंबर लिखा। लेकिन हमें एक्स्ट्रा टाइम नहीं मिला। इसलिए कुछ सवाल हमसे छूट गए। मालूम हो कि इस साल नीट हिंदी-अंग्रेजी समेत 13 भाषाओं में हुई।
600 प्लस मार्क्स पर मिल जाएगा कोई भी मेडिकल कॉलेज
एक्सपर्ट डॉ. विकास की मानें तो कटऑफ तय करने वाले फैक्टर में टोटल सीट, पेपर देने वालों की संख्या, पेपर का लेवल, पैटर्न शामिल होता है। पिछले साल जनरल कैटिगरी के लिए ऑल इंडिया कोटा 599 था। इस बार यह 610 जा सकता है। यानी आपने 720 में 610 प्राप्त कर लिए तो कोई भी सरकारी मेडिकल कॉलेज आसानी से मिल सकता है।
कंट्रोवर्सियल सवाल पूछे गए, बोनस अंक मिलेंगे
रायपुर के एक कोचिंग सेंटर के इंचार्ज कुणाल सिंह ने बताया, पिछली बार की तुलना में इस बार डिफिकल्टी लेवल ज्यादा था। फिजिक्स में एक कंट्रोवर्सियल सवाल पूछा गया। केमेस्ट्री में एक बोनस माक्र्स मिलेगा। क्योंकि उस सवाल के ऑप्शन में चारों में से कोई भी मैच नहीं कर रहा है। इसी तरह बॉटनी से दो सवाल के ऑप्शन मैच नहीं कर रहे। 200 में 180 सवाल बनाने थे। प्रत्येक सही जवाब पर 4 नंबर थे जबकि गलत होने पर एक नंबर माइनस मार्किंग। स्टेट कटऑफ की बात करें तो पिछले साल की तुलना में 10 से 15 माक्र्स कम रहेगा। पिछले साल को स्टेट 540 था।
डिफिकल्टी लेवल
फिजिक्स: मीडियम, केमेस्ट्री: पिछले दो साल की अपेक्षा कठिन, क्वेश्चन नंबर 95, पेपर कोड एस-4 कंट्रोवर्सियल रहा। बॉयोलॉजी: लेंदी रहा।
एग्जाम रिव्यू
परीक्षा देकर निकले छात्रों का कहना है कि सभी सवाल एनसीईआरटीई से ही पूछे गए थे। फिजिक्स थोड़ा टफ रहा, मैथ्स वालों के लिए यह आसान था। तरुण कुमार ने बताया, केमेस्ट्री का पार्ट कठिन था।
Published on:
18 Jul 2022 12:35 am
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