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रायपुर : लिंगमपल्ली हैदराबाद श्रमिक स्पेशल ट्रेन 12 मई को राजनांदगांव, दुर्गं, रायपुर स्टॉपेज के बाद सुबह 11.30 बजे पहुंचेगी बिलासपुर

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अन्य प्रदेशों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को लाने के लिए व्यापक स्तर पर इंतजाम कर रही है। इनमें विशेष ट्रेनें भी शामिल हैं, जो सरकार की मांग पर रेलवे प्रशासन चला रहा है। इस क्रम में ११ मई को पहली ट्रेन बिलासपुर पहुंची है और अब दूसरी ट्रेन १२ मई को छत्त्तीसगढ़ के विभिन्न स्टेशनों पर पहुंचेगी।

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रायपुर : लिंगमपल्ली हैदराबाद श्रमिक स्पेशल ट्रेन 12 मई को राजनांदगांव, दुर्गं, रायपुर स्टॉपेज के बाद सुबह 11.30 बजे पहुंचेगी बिलासपुर

रायपुर : लिंगमपल्ली हैदराबाद श्रमिक स्पेशल ट्रेन 12 मई को राजनांदगांव, दुर्गं, रायपुर स्टॉपेज के बाद सुबह 11.30 बजे पहुंचेगी बिलासपुर

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) के प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों, संकटापन्न और चिकित्सा आवश्यकता वाले लोगों लेकर लिंगमपल्ली (हैदराबाद-तेलंगाना) श्रमिक स्पेशल ट्रेन 11 मई को रात्रि 8 बजे लिंगमपल्ली से प्रस्थान कर 12 मई को सुबह 6.50 बजे राजनांदगांव, 8 बजे दुर्ग और 9 बजे रायपुर से होते हुए पूर्वान्ह 11.30 बजे बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन 11 मई को रात्रि 8 बजे लिंगमपल्ली से रवाना होने के पश्चात 12 मई को सुबह 6.50 बजे से 7.10 बजे तक राजनांदगांव, 8.00 से 8.30 बजे तक दुर्ग और 9.00 से 9.30 बजे तक रायपुर में ठहरेगी। इसके पश्चात पूर्वान्ह 11.30 बजे बिलासपुर (Bilaspur) रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी।

राज्यपाल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ आने की कराई व्यवस्था
राज्यपाल अनुसुईया उइके ने मध्यप्रदेश में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों की सूचना मिलने पर स्वयं सुध ली और उनके रहने-खाने और छत्तीसगढ़ आने का भी इंतजाम कराया। इस समय सारे मजदूर बिलासपुर जिले के ग्राम हरदी के एक स्कूल में क्वारेंटाइन में हैं। उन्होंने राज्यपाल को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी पहल से हमारा जीवन बचा, हम उनके सदैव आभारी रहेंगे।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के ग्राम हरदी निवासी चन्द्रमणि सहित 25 लोग होशंगाबाद में निर्माण कार्य में मजदूर के रूप में होली के पूर्व से कार्यरत थे। अचानक कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने पर लॉकडाउन की घोषणा के बाद काम बंद हो गए। हालत बिगडऩे पर वहां से निकलने का निर्णय लिया और वहां से पैदल ही घर के लिए रवाना हो गए। होशंगाबाद से पैदल निकले बिलासपुर छत्तीसगढ़ के मजदूर शनिवार रात को छिंदवाड़ा पहुंचे और खजरी बायपास पर ठहरे थे। मजदूरों का छिन्दवाड़ा के सामाजिक कार्यकर्ता के माध्यम से राज्यपाल से संपर्क हुआ। उनकी पहल पर वहां के समाजसेवी संस्थाओं ने भी उनके लिए खाने-पीने का इंतजाम कराया। उइके ने फोन पर संपकज़् होते ही छिंदवाड़ा के जिला प्रशासन से संपर्क कर छिंदवाड़ा में ही रहने खाने-पीने का इंतजाम कराया और शासन को निर्देशित कर छत्तीसगढ़ आने का इंतजाम कराया।
राज्यपाल ने तुरंत ही छत्तीसगढ़ के श्रम विभाग के सचिव सोनमणि बोरा को मजदूरों की मदद के लिए निर्देशित किया। इसके बाद श्रम सचिव बोरा ने समन्वय कर मजदूरों के ग्राम हरदी में पहुंचाने की भी व्यवस्था की गई।
मजदूरों के समूह के चन्द्रमणि कर्माकर ने कहा- पिछले 45 दिनों से होशंगाबाद में फंसे हुए थे। छह दिन चलकर छिंदवाड़ा पहुंचे। उनके साथ 6 महिलाएं और 5 छोटे बच्चे भी शामिल थे। राज्यपाल की पहल पर हम लोगों को बहुत मदद मिली। राज्यपाल को उनकी संवेदनशीलता के लिए हम धन्यवाद देते हैं।