
रायपुर . वादे के मुताबिक किसानों को बोनस और समर्थन मूल्य सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के 28 किसान संगठनों ने सीएम हाउस का घेराव करने राजधानी पहुचे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें धरनास्थल से ही खदेड़ दिया। साथ ही उग्र आंदोलनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई किसानों को गिरफ्तार भी किया।इससे पहले प्रशासन ने आंदोलन विफल करने राजनांदगांव में 36, धमतरी में सात, बेमेतरा में आठ समेत 100 से ज्यादा किसान नेताओं को देर रात ही गिरफ्तार कर लिया था। किसान आंदोलन के मद्देनजर शासन-प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था कर रखी है। पिछले दो दिनों में राजनांदगांव, बेमेतरा, कवर्धा, महासमुंद, रायपुर, धमतरी, कांकेर, गरियाबंद, बलौदाबाजार समेत कई जिलों में धारा 144 लगा हुई है।
राजनांदगांव में मंगलवार को गिरफ्तार किए गए 36 किसान नेताओं की बुधवार को भी रिहाई नहीं हो सकी। शासन-प्रशासन द्वारा बरती जा रही सख्ती को किसान नेताओं ने 'किसान आपातकालÓ कहा है। प्रदेशभर से आए किसान बूढ़ातालाब स्थित धरनास्थल पर जुटे हैं। यहां से वे मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने के लिए निकलेंगे। इधर, धमतरी, कांकेर, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार सहित अन्य जिलों में किसानों को रोकने के लिए थानों के हिसाब से घेराबंदी की गई है। धमतरी में सात किसान नेताओं को गिरफ्तार किया गया है।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों को बोनस और समर्थन मूल्य। एक-एक दाना धान की खरीदी हो। ५ एचपी तक सिंचाई पंप को नि:शुल्क बिजली। स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के मुताबिक न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत का डेढ़ गुना हो। जबरिया भू-अधिग्रहण पर रोक लगाई जाए। प्रशासन ने की चाक-चौबंद व्यवस्था : किसानों को सीएम हाउस तक जाने से रोकने के लिए पुलिस ने तगड़ी व्यवस्था की है। सीएम हाउस जाने वाले तमाम रास्तों में नाकेबंदी कर दी गई है। प्रभारी एसएसपी ए.आर. कोर्राम ने बताया कि आंदोलनकारियों को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
बिलासपुर-दंतेवाड़ा प्रवास पर सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह गुरुवार को दंतेवाड़ा और बिलासपुर जिले के प्रवास पर हैं। इस वजह से सीएम हाउस पर गुरुवार को होने वाले जनदर्शन कार्यक्रम को भी स्थगित कर दिया गया है।
बोनस के लिए कल विधानसभा का विशेष सत्र
धान का बोनस देने के लिए 22 सितम्बर को विधानसभा का विशेष सत्र होगा। इसमें करीब 2100 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी। सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने सदन से लेकर सड़क तक की लड़ाई की रणनीति तैयार की है। प्रदेश प्रभारी पी.एल. पुनिया की उपस्थिति में 22 तारीख को किसान कांग्रेस ने विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है।
&प्रदेश के किसान सरकार के वादा खिलाफी के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। सरकार इस आंदोलन से भयभीत है। आंदोलन को दबाने गांव में मुनादी कराई जा रही है और शहरों में धारा 144 लगा दी गई है। यहां भाजपा की किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
&विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा, इसलिए आशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है। चुनाव की वजह से इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। कोई अप्रिय स्थिति न बने, इसलिए शासन सतर्कता के लिए कार्रवाई कर रहा है।
पूनम चंद्राकर, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा
Updated on:
21 Sept 2017 01:46 pm
Published on:
21 Sept 2017 01:45 pm
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