
किताब के मुख्य पृष्ठ का दृश्य।
आज जब पूरा देश राममय है तो रायपुर का नजारा भी अयोध्या सा हो गया है। जहां देखो भगवान राम पर ही बातें हो रही हैं। गीत भी सुने जा रहे हैं तो श्रीराम पर आधारित। कई नवाचार किए जा रहे हैं। ऐसा ही एक प्रयोग किया है शहर के फिजियोथैरेपिस्ट गीतेश अमरोहित ने। उन्होंने छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ नाम से छत्तीसगढ़ी भाषा में एक किताब लिखी है। प्रमाणिकता के साथ रामायणकाल में भगवान श्रीराम के छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताए गए पलों का वर्णन करने वाली अपनी तरह की यह एक पहली किताब है। मान्यता और जनश्रुति के अनुसार वनवास काल में भगवान राम ने सरगुजा से छत्तीसगढ़ प्रवेश किए थे और वनवास काल का लंबा समय छत्तीसगढ़ के घनघोर जंगलों में पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ बिताए थे। बस्तर के सासाराम को भगवान राम का अंतिम पड़ाव वनवास काल का माना जाता है। दो सौ से अधिक पृष्ठों वाली इस किताब में राम वन गमन पथ के सरगुजा से लेकर सासाराम तक के विभिन्न राम वन गमन पथ का प्रमाणिकता के साथ वर्णन किया गया है।
पुस्तक की रचना में लगे तीन साल
अमरोहित ने बताया, पुस्तक के लिए सामग्री संकलन में करीब पांच से छह वर्षों का समय लगा। लेखन में एक वर्ष का समय लगा। कुछ जानकारियां तो शासन के अधिकृत स्त्रोतों से जुटाई गई हैं। वहीं कुछ जानकारियों के लिए स्थान विशेष का जाकर वहां के निवासियों से पूछताछ कर जानकारियां संकलित की गई हैं।
क्या है किताब में
- पुस्तक राम वन गमन पथ न केवल राम के वनवास काल में छत्तीसगढ़ के प्रवास को दर्शाती है, बल्कि छत्तीसगढ़ में राम से जुड़ी संस्कृति पर भी प्रकाश डालती है।
- दुनिया का एकमात्र रामनामी संप्रदाय जो कि अपने पूरे शरीर पर राम नाम का गोदना गुदवाते हैं, उनका वर्णन मिलता है।
- राम को छत्तीसगढ़ वासी भांजा मानते हैं, इस कारण भांजा या भांजी को भगवान राम मानते हुए पैर छूकर आशीर्वाद लेने का रिवाज संपूर्ण छत्तीसगढ़ में देखने को मिलता है, इसका वर्णन इस पुस्तक में किया गया है।
- छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में धान संग्रहित करने की जगह जिसे कोठी कहा जाता है बनाया जाता है। एक घर में कई कोठियों का निर्माण किया जाता है, लेकिन एक राम कोठी भी बनाई जाती है और उस कोठी के धान का उपयोग केवल आपदा के अवसर पर किया जाता है।
- छत्तीसगढ़ में गिनती की शुरूआत एक से नहीं होती बल्कि राम से होती है। जैसे राम, दो, तीन चार. . .
Published on:
21 Jan 2024 11:48 pm
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