
रायपुर। छत्तीसगढ़ में गोल्ड लोन (Gold Loan schem) का चलन बढ़ा है। इसके कारण कम समय में उपभोक्ताओं को आसानी से दस्तावेजों के अभाव में पैसा मिल जाना है। प्रदेश के कारोबारी, आम आदमी अपना व्यापार बढ़ाने और कर्ज मिटाने के लिए सोने को गिरवी रखकर अपनी जरूरतों को पूरा कर रहे है। वर्ष 2022 के समाप्त होने में अभी एक माह का समय बाकी है और बीते 11 महीनों में ही प्रदेश के 25 हजार लोगों ने बैंकों व फाइनेंस कंपनियों से सोने के बदले 380 करोड़ से ज्यादा रुपए का कर्ज लिया है। बैंकों द्वारा इन दिनों कम से कम ब्याज दरों पर गोल्ड लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। यह गोल्ड लोन वर्ष 2021 की तुलना में 30 करोड़ ज्यादा है। इस प्रकार एक व्यक्ति द्वारा औसतन डेढ़ लाख रुपए गोल्ड लोन लिया गया है।
गोल्ड लोन पर बैंक भी दे रहे ऑफर
बैंक सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ ही निजी बैंकों द्वारा भी गोल्ड लोन पर ऑफर दिए जा रहे हैं। कुछ बैंकों ने तो गोल्ड लोन के लिए अलग दिन निर्धारित कर दिए हैं। राष्ट्रीयकृत बैंकों में गोल्ड लोन पर ब्याज दर 7.90 से आठ प्रतिशत तक है। ब्याज दर कम होने के कारण अब दुकानों में सोने को गिरवी रखने के बजाय लोग बैंकों में रखकर लोन लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन महामंत्री शिरीष नलगुंडवार ने कहा कि आसानी से कम से कम ब्याज दर उपलब्ध होने के कारण उपभोक्ता गोल्ड लोन काफी पसंद कर रहे हैं। बैंकों द्वारा भी इन दिनों गोल्ड लोन पर काफी फोकस किया जा रहा है। बुरे समय में लोग पैतृक सोने को ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहे है।
Updated on:
01 Dec 2022 12:46 pm
Published on:
01 Dec 2022 12:35 pm
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