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Road Accident: हत्यारे ट्रक की सड़ी थी बॉडी, झटका लगते ही कार पर गिरी, खड़े हुए सवाल

नरदहा में डीपीएस के सामने हुए भीषण सड़क हादसे ने सिर्फ तीन लोगों की जान नहीं ली बल्कि, पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। धान से भरा 10 साल पुराना ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर कार के ऊपर पलट गया। जिससे कार धान के बोरों के नीचे पूरी तरह दब गई और तीन […]

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Road Accident: हत्यारे ट्रक की सड़ी थी बॉडी, झटका लगते ही कार पर गिरी, खड़े हुए सवाल

Road Accident: हत्यारे ट्रक की सड़ी थी बॉडी, झटका लगते ही कार पर गिरी, खड़े हुए सवाल

नरदहा में डीपीएस के सामने हुए भीषण सड़क हादसे ने सिर्फ तीन लोगों की जान नहीं ली बल्कि, पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। धान से भरा 10 साल पुराना ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर कार के ऊपर पलट गया। जिससे कार धान के बोरों के नीचे पूरी तरह दब गई और तीन लोगों की मौत हो गई। पत्रिका ने अपनी पड़ताल में पाया कि जिस ट्रक ने तीन जिंदगियां छीन ली, उसकी बॉडी लोहे की नहीं बल्कि लकड़ी की चेचिस पर तैयार की गई थी। ऊपर से ओवरलोड धान का वजन। लकड़ी की बॉडी को फिटनेस सर्टिफिकेट मिलना भी सवालों के घेरे में है।

कई नियमों का पालन नहीं किया

परिवहन विभाग के मुताबिक गाड़ी का फिटनेस जून 2026 में खत्म होने वाला था। स्कूल के सामने 13 रम्बलर ब्रेकर बनाए गए हैं। ब्रेकर बनाने से पहले भी कई नियमों का पालन नहीं किया गया। वाहन स्वामी बिरगांव निवासी हीरालाल साहू ने बताया कि ट्रक ड्राइवर फरार है। वाहन की स्थिति देखकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि हाईवे पर ऐसे वाहनों से धान के परिवहन की अनुमति ने भी अधिकारियों को जवाब देने पर मजबूर किया है। वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले तिल्दा-नेवरा निवासी दंपती राजकुमार शर्मा और उनकी पत्नी पद्मा शर्मा का सोमवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया।

फिटनेस पर बड़ा सवाल

फिटनेस पर बड़ा सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रक की फिटनेस अवधि तीन महीने बाद समाप्त होने वाली थी। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि लकड़ी की बॉडी वाली गाड़ी को फिटनेस सर्टिफिकेट कैसे मिला। क्या फिटनेस जांच केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गई है। नियमों के अनुसार व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच में चेसिस, बॉडी स्ट्रक्चर और ब्रेकिंग सिस्टम की सख्त जांच होती है। फिर लकड़ी की चेचिस पर ट्रक कैसे सड़कों पर फर्राटा भर रहा था।

दुर्घटना के बाद इन विभागों पर उठे सवाल

-- परिवहन विभाग
-- पुलिस विभाग
-- यातायात विभाग
-- पीडब्ल्यूडी-एनएच
-- राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति

ब्रेकर बनाने से पहले इन नियमों का पालन जरूरी

-- हाईवे "फ्री-फ्लो ट्रैफिक" के लिए होते हैं, इसलिए अचानक ब्रेकर लगाना खतरनाक माना जाता है।
-- यदि किसी विशेष परिस्थिति (जैसे स्कूल, अस्पताल, घनी आबादी या टोल प्लाजा के पास) में आवश्यकता हो, तो ब्रेकर का चेतावनी संकेत अनिवार्य है।
-- रिफ्लेक्टिव पेंट और कैट-आई मार्किंग जरूरी।
-- सड़क पर पहले से "रंबल स्ट्रिप" लगाई जाती है।