
अगर आप भी शिवलिंग पर चढ़ाते हैं पैकेट वाला दूध तो ये खबर जरूर पढ़ें
रायपुर. शिवभक्त हमेशा शिव की भक्ति में लीन होते हैं, पर सावन का महीने में शिव की अराधना बहुत ही फलदायक मानी जाती है । सावन के महीने को हिंदुओं में सबसे पवित्र महीना माना गया है। सावन का महीने में सबसे ज्यादा महत्व सोमवार का होता है और इस सोमवार में लोग भगवान शिव की अराधना करते हैं।
वैसे तो भगवान शिव फूल और बेलपत्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं पर सावन के वक्त शिव भक्त भगवान महादेव को प्रसन्न करने बहुत से उपाय करते हैं । भगवान शिव को प्रसन्न करने भक्त उन्हे बेल पत्र, गन्ने का रस, दूध, दही, शहद, तुलसी का पत्ता, धतुरे का फूल व फल, कनेर का फूल, आंक का फूल, नारियल का पानी, भांग, चीनी आदि चढ़ाते हैं । पर क्या आप ये जानते हैं कि भगवान को चढ़ाए जाने वाली इन सामग्रीयों को किस क्रम से अर्पित किया जाना चाहिए और कौन सा दुध भगवान शिव के लिए सबसे उपयुक्त है ।
भगवान शिव की पूजा करते वक्त उन्हे दूध अर्पित करना बहुत ही पून्य का काम माना गया है । शिवलिंग पर जैसे जल का अभिषेक किया जाता है वैसे ही भगवान को दूध अर्पित करना का पूजा की एक महत्वपूर्ण विधि मानी गई है । भगवान शिव को अनिवार्य रूप से दूध अर्पित करने के पीछे एक पौराणिक कथा है । माना जाता है कि समुद्र मंथन के समय जब भगवान शिव ने विष पी लिया था उसके पश्चात उनके शरीर में विष के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान को दूध पान कराया गया था, तब से भगवान शिव को दूध अतिप्रिय है ।
आजकल भगवान शिव को चढ़ाने के लिए लोग पैकेट वाले दूधका इस्तेमाल करते हैं जो कि गलत है । अगर आप पूरे विधि- विधान के साथ भगवान शिव की अराधना करना चाहते हैं तो भूलकर भी महादेव को पैकेट वाले दूध अर्पित न करें । माना जाता है कि भगवान शिव को हमेशा ताजे दूध का ही अर्पण करना चाहिए एेसे में पूराना पैकेट वाला दूध चढ़ाना सही नही होता । पैकेट वाले दूध को ताजा बनाने के लिए उसमें कई प्रकार के रासायनिक सामग्रीयां मिलाई जाती है, जिससे वह दूध भगवान में अर्पित करने लायक नही रह जाता । साथ ही भगवान शिव को केवल गाय का दूध ही अर्पित करना चाहिए और यह बात हमारे शास्त्रों ने भी प्रमाणित की है कि महादेव के पूजन के वक्त केवल गाय के ताजे दूध का इस्तेमाल की होना चाहिए।
अगर आप भी करना चाहते हैं भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न तो एेसे करें भगवान का पूजन । सबसे पहले भगवान शिव को गंगाजल या शुद्ध जल से स्नाान कराएं उसके पश्चात भगवान को ताजा गाय का दूध अर्पित करें । दूध के साथ दही, घी, शहद, नारियल का पानी आदि भी अर्पित करें । इसके बाद शिवलिंग पर चंदन अर्पित करें इसके पश्चात तुलसी का दल, कनेर का फूल, धतुरे का फल व फूल, आंक का फुल, बेल पत्र आदि चढ़ाएं । बेल के पत्र को 6, 11, 21, 51 जैसे अंको में चढ़ाना शुभ माना जाता है ।
पूजा के दौरान भगवान शिव पर सिंदूर, हल्दी, लाल रंग के फूल, आदि नही चढ़ाना चाहिए । हल्दी को अन्य पूजन में सबसे महत्वपूर्ण माना गया है पर भोलेनाथ की पूजा में इसका प्रयोग वर्जित है । इसके अलावा पूजन करते वक्त कभी भी काले रंग के वस्त्र धारण नही करने चाहिए । पूजन के वक्त हमेशा सफेद या हल्के रंग के वस्त्र ही धारण करें ।
Updated on:
26 Jul 2018 06:15 pm
Published on:
24 Jul 2018 05:44 pm
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