21 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आरटीई से सरकारी कार्यों में पहले से ज्यादा पारदर्शिता

बीसीएस शासकीय पीजी कालेज के विधि विभाग में सूचना के अधिकार अधिनियम-२००५ पर संगोष्ठी हुई, जिसमें छात्र-छात्राओं को अधिनियम के संबंध मेंं जानकारी दी गई।

less than 1 minute read
Google source verification
Rti

आरटीई से सरकारी कार्यों में पहले से ज्यादा पारदर्शिता

रायपुर/धमतरी. बीसीएस शासकीय पीजी कालेज के विधि विभाग में सूचना के अधिकार अधिनियम-२००५ पर संगोष्ठी हुई, जिसमें छात्र-छात्राओं को अधिनियम के संबंध मेंं जानकारी दी गई।

प्रोफेसर कोमल प्रसाद यादव ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम लागू होने से अब हम किसी भी शासकीय कार्य की प्रमाणित जानकारी संबंधित विभाग से ले सकते हैं। नियमत: विभाग को १५ दिन के भीतर वह जानकारी उपलब्ध कराना होगा, ऐसा नहीं करने हम इसकी शिकायत कर सकते हैं। डॉ सपना ताम्रकार ने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से शासकीय कार्योंं मेंं पारदर्शिता आ गई है। अब कोई भी नागरिक संशय होने पर इसकी जानकारी लेकर संंबंधित व्यक्ति या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर सकता है। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर दुर्गेश प्रसाद ने कहा कि पारदर्शिता एवं जवाबदेही ही सूचना के अधिकार अधिनियम का उद्देश्य है। उन्होंने इस अधिनियम के बारे मेंं विस्तार से बताया। पंकज जैन ने सूचना का अधिकार अधिनियम को २१वीं सदी की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।