
दीवारों के अंदर फिट की गई है वाटर कूलिंग लाइन, पंखा चालू करते ही हॉस्टल हो जाता है 23 डिग्री सेल्सियस ठंडा
रायपुर । कहा जाता है आवश्यकता अविष्कार की जननी है, लेकिन आज इनोवेशन एक हुनर बन गया है। कोई भी बड़ा कार्य पैसे से नहीं, बल्कि एक बड़े आइडिया से शुरू होता है। कई बार हम कुछ चीजों को देखकर एक नया निर्माण करने की सोचते हैं क्योंकि उसमें एक नया अविष्कार छुपा रहता है। आज प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है और तेज गर्मी में लू के थपेड़े लगना भी स्वाभाविक है। वहीं मॉडर्न लाइफ के चलते हम एयर कंडीशनर फ्रेंडली बन गए हैं। जरा सी गर्मी में हम एसी को ऑन करके ठंडक का आनंद लेते हैं। मगर एसी में से निकलने वाली एचसीएफसी (हाइड्रो क्लोरो फ्लुओरोकार्बोन) गैस पर्यावरण को दूषित तो करती ही है, साथ ही आपके स्वास्थय पर विपरीत प्रभाव डालती है।
इन्हीं समस्याओं को देखकर अटलनगर स्थित आईआईएम की फैकल्टी ने नया सुविधा को ईजाद किया है जिसमें हॉस्टल की दीवारों के अंदर क्यूलिंग वाटर सप्लाई की पाइप लाइन डाली गई हैं जिसमें चौबीसों घंटे पानी बहता है। यह पानी लीकेज नहीं होता और जैसे ही हम रूम का पंखा चालू करते हैं कमरे का तापमान कुछ ही मिनटों में 18 से 23 डिग्री तक आ जाता है।
समस्याओं को देखकर किया प्लान
आईआईएम के जागरूक डावरा ने बताया कि जब पिछले वर्ष सेजबहार से आईआईएम को अटलनगर में शिफ्ट कर रहे थे तब से क्यूलिंग वाटर सप्लाई लाइन का प्लान किया गया था। एयर कंडीशनर रूम होने की वजह से ठंडक तो मिलती है, लेकिन कंटीन्यू एसी में रहने से उसके दुष्प्रभाव भी रहते है। इन्हीं समस्याओं को देखकर अंडर वॉल वाटर पाइप लाइन को इजाद किया। यह तकनीक यूरोप में अपनाई जाती है जहां ठंडी हवा के साथ हम वातावरण को दूषित होने से बचा सकते हैं। आईआईएम के छात्र एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत यूरोप गए थे जहां पर इस प्रोसेस का उपयोग किया गया था।
नहीं होता वाटर लीकेज
इस वाटर टेक्नीक की सबसे बड़ी बात यह है कि यह उसी समय बना दी जाती है जब दीवार बनने का काम शुरू होता है। इसमें क्यूलिंग वाटर लाइन को दीवार के अंदर सेट कर दिया जाता है और रेजिसटेंस होने की वजह से इसमें पानी के लीक होने का डर नहीं रहता। एल्यूमिनियम की धातु से पाइप लाइन बनी रहती है जिसमें स्क्रॉड यानि पानी को आइस की तरह कोल्ड करने वाले फब्बारे होते हैं जो हवा के साथ मिलकर ठंडी हवा फैलाने का काम करते हैं।
इस तरह करता है काम
क्यूलिंग अंडर वाटर लाइन के लिए आईआईएम में हॉस्टल के पास एक वाटर टैंक बनाया गया है जो प्यूरीफायर पानी के साथ २० डिग्री ठंडा पानी सप्लाई करता है। इन टैंक से एक लाइन कनेक्ट की गई है जो हॉस्टल के सभी कमरों से जुड़ी हुई है। इस पानी को जैसे ही छोड़ा जाता है एल्यूमिनियम की पाइप लाइन जो पानी को स्क्रॉड में भेजती हैं साथ ही और भी ठंडा कर देती है। इसके अलावा इसमें वाटर स्टोरज सिस्टम भी है जो चौबीसों घंटे रूम को कोल्ड रखता है।
एसी के बराबर तापमान
इन वाटर लाइन में पानी सप्लाईकरने के बाद आप जैसे ही पंखें या कूलर को चालू करते हैं तो हवा के साथ मिलकर यह रेजिंस्टेंस के अनुसार ठंडा होने लगता है। प्रोफेसर डावरा ने बताया कि यह १८ डिग्री से लेकर २३ डिग्री तक कमरे को इंडा करता है जो एयर कंछीशनर के बराबर है और शुद्ध हवा को छोड़ता है जिससे आपकी हैल्थ पर कोई नैगेटिव इफैक्ट नहीं होता।
Published on:
26 Apr 2019 09:16 pm
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