
भाजपा ने आदिवासी नेता को क्यों बनाया छत्तीसगढ़ का प्रदेश अध्यक्ष, जानिए 10 बिंदुओं में
रायपुर. छत्तीसगढ़ में दिग्गजों को दरकिनार कर कांकेर के सांसद विक्रम उसेण्डी को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। राज्य निर्माण के बाद से विक्रम उसेंडी पांचवें आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष होंगे। इससे पहले नंदकुमार साय, शिवप्रताप सिंह, विष्णुदेव साय और रामसेवक पैकरा को पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष बनाया था।
वहीं, राज्य निर्माण के बाद पार्टी ने ताराचंद साहू को पहला प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। इसके बाद लखीराम अग्रवाल और डॉ. रमन सिंह भी प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व निभा चुके हैं। राज्य निर्माण के बाद उसेण्डी पार्टी के 11वें प्रदेश अध्यक्ष होंगे।
जानिए 10 बिंदुओं में
1- भाजपा ने विक्रम उसेंडी को अध्यक्ष बनाकर अभी से 2023 में होने विधानसभा चुनाव की तैयारी के संकेत दे दिए हैं।
2- मैदानी क्षेत्र में भाजपा की पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है।
3- उसेंडी को अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने बस्तर और सरगुजा को साधने का प्रयास किया है।
4- 2018 के विधानसभा चुनाव में बस्तर और सरगुजा में भाजपा को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था।
5- माना यह भी जा रहा है विक्रम उसेंडी के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से पार्टी को लोकसभा चुनाव में भी मदद मिलेगी।
6- उसेंडी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की गुडबुक में भी रहे हैं। दो बार उन्हें मंत्री भी बनाया गया है। ऐसे में संगठन में रमन की पकड़ भी मजबूत रहेगी।
7- पिछले कुछ समय से आदिवासी समाज में भाजपा के प्रति लगातार नाराजगी बढ़ी है। जबकि, प्रदेश में इस वर्ग की बड़ी आबादी है।
8- आदिवासी समाज में बढ़ती नाराजगी को कम करने में उसेंडी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
9- आगामी लोकसभा चुनाव में बस्तर और सरगुजा की सीट पर इसका कुछ असर देखने को मिल सकता है।
10- राज्य निर्माण के बाद से विक्रम उसेंडी पांचवें आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष होंगे।
Published on:
09 Mar 2019 03:16 pm
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