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खत्म होगा नक्सलवाद, तीन राज्यों की पुलिस नक्सलियों के खिलाफ चलाएगा बड़ा ऑपरेशन

माओवादियों के खिलाफ बस्तर में चलाए जा रहे अभियान की तर्ज पर राजनांदगांव जिले में आक्रमक ऑपरेशन चलाया जाएगा

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रायपुर. माओवादियों के खिलाफ बस्तर में चलाए जा रहे अभियान की तर्ज पर राजनांदगांव जिले में आक्रमक ऑपरेशन चलाया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर आंतरिक सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार ने बुधवार को राजनांदगांव और बालाघाट अलग-अलग बैठक कर ऑपरेशन की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में छत्तीसगढ़ के साथ ही महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के अफसर भी शामिल हुए।

संयुक्त बैठक में सीआरपीएफ, आईटीबीपी और राज्य पुलिस द्वारा बनाए गए एक्शन प्लान पर चर्चा हुई। इसमें तीनों राज्यों के सीमांत जिलों की फोर्स एक साथ ऑपरेशन शुरू करेगी। उनके नए कॉरीडोर और नवगठित विस्तार दलम को रोकने के लिए यह ऑपरेशन शुरू किया जाएगा। बताया जाता है कि शुरू किए जाने वाले ऑपरेशन का खाका तैयार कर लिया गया है। इसे अंतिम रूप देने के लिए आंतरिक सुरक्षा सलाहकार दो दिवसीय प्रवास पर है।

गतिविधियां तेज होगी
तीन राज्यों की सीमा से जुड़े चार जिलों के पुलिस अधीक्षकों और केंद्रीय फोर्स लगातार अपनी गतिविधियों को तेज करेंगे। राजनांदगांव, कबीरधाम, गोंदिया और बालाघाट जिले के ग्रामीण क्षेत्र पिछले काफी समय से माओवादी अपनी पैठ बनाने में जुटे हुए थे। पुलिस की अनुपस्थिति को देखते हुए लगातार उनकी गतिविधियां बढ़ रही थी। पिछले दिनों हुई मुठभेड़ के बाद से अफसरों को इंटेलिजेंस मजबूत करने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि इन जिलों की सीमा पर घना जंगल और पहाड़ होने के कारण पनाहस्थली के रूप में तब्दील हो रहा था।

शुरू होगा मूवमेंट
ऑपरेशन की तैयारी को देखते हुए शीघ्र ही फोर्स को मूवमेंट कराया जाएगा। खुफिया रिपोर्ट के आधार पर फोर्स को तैनात किए जाने वाले स्थान तय कर लिया गया है। आंतरिक सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार ने स्पेशल डीजी नक्सल ऑपरेशन डीएम अवस्थी के साथ ही राजनांदगांव एसपी प्रशांत अग्रवाल, कबीरधाम एसपी लाल उमेंद सिंह और अन्य अफसरों के साथ चर्चा के बाद इसे अंतिम रूप दिया है।

फोर्स की तैनाती
ऑपरेशन की तैयारी को देखते हुए अतिरिक्त फोर्स की तैनात किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। बताया जाता है कि राजनांदगांव और कवर्धा में आईटीबीपी के साथ राज्य पुलिस की संयुक्त फोर्स होगी। इसी तरह बालाघाट और गोंदिया में सीआरपीएफ के साथ स्थानीय पुलिस को तैनात किया जाएगा। गौरतलब है कि बालाघाट में सीआरपीएफ की मात्र एक कंपनी ही मोर्चे पर तैनात है।