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महिला समृद्धि बाजार में पुरुषों का कब्जा, निगम नहीं कर रहा निगरानी

- बुढ़ापारा में बुढ़ेश्वर मंदिर के सामने महिलाओं को स्वाबलंबी बनाने निगम द्वारा बनाए गए महिला समृद्धि बाजार की योजना विफल दिखाई दे रही है।

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महिला समृद्धि बाजार में पुरुषों का कब्जा, निगम नहीं कर रहा निगरानी

महिला समृद्धि बाजार में पुरुषों का कब्जा, निगम नहीं कर रहा निगरानी

महिलाओं के उत्थान के लिए सरकार द्वार अनेक अभियान चलाए जा रहे हैं। कई योजना भी इनके लिए संचलित है। लेकिन अधिकारियों कि अनदेखी के चलते कई योजनाओं का संचालन सहीं से नहीं हो पा रहा है। इसी अनदेखी का उदाहरण रायपुर में देखने को मिला है। यहां बुढ़ापारा में बुढ़ेश्वर मंदिर के सामने महिलाओं को स्वाबलंबी बनाने निगम द्वारा बनाए गए महिला समृद्धि बाजार की योजना विफल दिखाई दे रही है। योजना के तहत बनाए गए अधिकांश दुकानों में अब पुरुषों का कब्जा है।

महिला समृद्धि बाजार का निर्माण केवल महिलाओं को व्यवसाय के लिए दुकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है, लेकिन महिलाओं के नाम पर लिए गए अधिकांश दुकान या तो महिला के पुरूष रिश्तेदार चला रहें है या फिर उसे किसी पुरूष को किराए पर दे दिया गया है। शासन की इस योजना पर निगम भी निगरानी नहीं कर रहा है, जिसके चलते यह योजना असफल दिखाई दे रही है।

महिलाओं को स्वावलंबी बनाने शुरु हुई योजना
प्रदेश के सभी जिलों के साथ - साथ रायपुर में महिला समृद्धि बाजार का निर्माण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए किया है। महिला समृद्धि बाजार योजना में एक लाख रुपए से कम सालाना आय अर्जित करने वाले परिवार की महिलाएं योजना की हितग्राही थी। महिला समितियों से जुड़ी गरीब परिवार की महिलाओं को इससे लाभ पहुंचना था। इसमें 80 वर्गफुट में तैयार 60 से ज्यादा पक्की दुकान है। जिन्हे महिलाओं को व्यवसाय के लिए देना था। लेकिन वर्तमान में हाल यह है कि किसी भी दुकान में कोई महिलाएं नजर नहीं आती है।

गैराज, प्रिंटर्स, कंप्यूटर, कैटरर्स जैसी महंगी दुकानें
महिला समृद्धि बाजार में गरीब परिवार की महिलाओं को व्यवसाय करना था, लेकिन इस बाजार में गैराज, प्रिंटर्स, कंप्यूटर, कैटरर्स, सेकंड हैंड गाड़ी, साथ ही गैस गोडाउन जैसी महंगी दुकानें खुली हुई है। इससे यह बिल्कुल स्पष्ट हो रहा है कि जिस उद्देश्य से इस समृद्धि बाजार का निर्माण किया गया था वह पूरा नहीं हो रहा है।

योजना महिलाओं के लिए है। हो सकता है महिलाओं के नाम पर दुकानों को उनके घर परिवार वाले चला रहे हों। इसकी जांच करवाता हूं।
- अरुण ध्रुव, जोन 4 कमिश्नर