- स्टाफ नर्स ने मामले की शिकायत का मामला
राजगढ़। जिला चिकित्सालय में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएस माथुर स्टाफ नर्स के बीच कुछ विवाद हुआ था। स्टाफ नर्स ने मामले की शिकायत की थी, लेकिन इस बात को बीते लंबा समय हो गया है। फिर किसी ने इसकी शिकायत की तो सिविल सर्जन आरके कठेरिया ने मामले से सीएमएचओ दीपक पिप्पल को अवगत कराया।
सीएमएचओ ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की और मामले को लेकर शिशु रोग विशेषज्ञ को नोटिस दिया। नोटिस के साथ ही वे भड़क गए और उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि जिस स्टाफ नर्स से या जो भी नर्स से जुड़ा हुआ मामला था। उसकी जांच भी हो चुकी है और वह खत्म भी हो गई है, लेकिन मुझे परेशान करने के लिए नोटिस थमाए जा रहे हैं।
सिविल सर्जन डॉ.आरएस कठेरिया ने कहा कि किसी भी चिकित्सक या स्टाफ की यदि कोई शिकायत करता है, तो उसकी जांच कराना जरूरी है। इसीलिए हमने नोटिस दिया है। पता नहीं डॉक्टर माथुर इसे किस तरह समझ रहे हैं। यदि मैं मेरी भी शिकायत की जाएगी तो निश्चित रूप से मेरी भी जांच होगी।
वहीं रीवा में कुछ दिनों पहले तक सीएमएचओ की कुर्सी को लेकर इन दिनों भारी विवाद छिड़ा रहा। इस बीच इस पद के एक दावेदार ने गंभीर आरोप भी लगाए हैं। वहीं पूर्व में सीएमएचओ रहे डाक्टर बीएल मिश्रा ने कहा है कि स्वास्थ्य माफिया विभाग में काम कर रहा है। इसको खत्म करने का पूरा प्रयास कर रहा हूं, आने वाले दिनों में इसे नेस्तानाबूद कर दूंगा।
दरअसल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की कुर्सी को लेकर बीते कई दिनों से विवाद छिड़ा रहा। एक पद के लिए दो-दो दावेदार कार्यालय में बैठ रहे हैं। इसका असर कार्यालय के कामकाज पर भी पड़ रहा है। दोनों अधिकारियों के अपने अलग-अलग दावे हैं। इतना ही नहीं दोनों पक्षों की ओर से पद पर बने रहने के लिए दावे भी किए जा रहे हैं।
सीएमएचओ कार्यालय में डॉ. एनएन मिश्रा ने गत दिवस कोर्ट के स्थगन के बाद ज्वाइन किया। इसके बाद से विवाद और बढ़ गया। पूर्व सीएमएचओ डॉ. बीएल मिश्रा ने भी कार्यालय के दूसरे कक्ष में अपना कब्जा जमा रखा। उनके कई दावे रहे। इतना ही नहीं वे कार्यालय में सीएमएचओ की हैसियत से कुछ फाइलें भी निबटाते रहे। वहीं सीएमएचओ के चेंबर में डॉ. एनएन मिश्रा बैठे और उनका कहना रहा कि कोर्ट के स्थगन के बाद नियमों के मुताबिक वह प्रभार में हैं।