
राजसमन्द. प्रभु श्री द्वारकाधीश की पावन नगरी मेें शाही लवाजमे के साथ परंपरागत रूप से सोमवार को चूंदड़ी गणगौर की सवारी निकाली गई। पुष्टि मार्ग की तृतीय पीठ प्रभु श्री द्वारकाधीश मंदिर से शृंगारित गणगौर की प्रतिमाओं और प्रभु श्री द्वारकाधीश की छवि के साथ पूरे ठाठ-बाट के साथ नई, आकर्षक झांकियों एवं परंपराओं के निर्वहन का सम्ममिश्रण करते हुए सवारी रवाना हुई। सवारी में सबसे आगे ढोल-नंगाड़े, हाथी एवं 25 घोड़े और इसके पीछे ऊंट नगाड़े की आवाज गूंज रही थी। सवारी में सैकड़ों की संख्या में नन्हीं बालिकाएं लहंगा-चूंदड़ी पहने अपने सिर पर जल कलश लेकर चल रही थी। परम्परानुसार सवारी में मंदिर से निशान लिए घुड़सवार, फौज पलटन थी जो रियासत काल की परम्परागत शाही गणगौर की सवारी की यादें ताजा कर रही थीं। आदिवासी भील समाज के लोग भाले जमीन पर पटकते हुए आगे बढ़ रहे थे, जिनकी विशेष आवाज लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। वहीं, कच्छी घोड़ी कलाकारों के पांच ग्रुप सवारी में अलग-अलग स्थानों पर नृत्य पेश करते चल रहे थे। सवारी में भूतों की शिव बारात में शामिल भूत-प्रेत के वेश में बाबा भोलेनाथ के भजनों पर झूमते-नाचते और अपनी विशेष भाव-भंगिमाओं से लोगों को हंसाते हुए और मनोरंजन करते हुए चल रहे थे। बूंदी से आई शहरिया डांस ग्रुप की टीम ने भी अपनी डांस प्रस्तुति से शहरवासियों पर खासी छाप छोड़ी। पंजाब से आई महिलाओं ने भंगड़ा डांस की प्रस्तुति दी।
सवारी प्रभु श्री द्वारकाधीश मंदिर से रवाना होकर परंपरात मार्ग रेती मोहल्ला, बड़ा दरवाजा, सुखपाल छतरी, नया बाजार, पुराना बस स्टैण्ड, चौपाटी एवं जेके मोड़ से होते हुए रंग-बिरंगी आकर्षक रोशनी से लकदक मेला प्रांगण बालकृष्ण स्टेडियम पहुंची। स्टेडियम में पहुंचने के बाद श्रद्धालु महिलाओं ने गणगौर की प्रतिमाओं को वहां विराजित कर उनकी पूजा कर झाले दिए। मंच पर बिराजित प्रभु द्वारकाधीश की पूजा अर्चना की गई।
सवारी में विधायक दीप्ति माहेश्वरी, नगर परिषद सभापति अशोक टांक, उप सभापति चुन्नीलाल पंचोली, आयुक्त ब्रजेश रॉय, पार्षद हेमन्त रजक, हेमन्त गुर्जर, दीपक कुमार जैन, तरूणा कुमावत, राजकुमारी पालीवाल, राजकुमारी पालीवाल, दीपिका कुमावत, हिमानी नंदवाना, सुमित्रा देवी नंदवाना, पुष्पा पोरवाड़, शालिनी कच्छावा आदि के साथ कई पार्षद एवं बड़ी संख्या में अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि एवं नगरवासी साथ चल रहे थे।
चूंदड़ी गणगौर की पहली सवारी के दिन ही मेला ग्राउण्ड में भीड़ उमड़ी। मेलार्थियों ने यहां मनोरंजन के साधनों डोलर, चकरी, झूल में झूलने का तो भरपूर आनंद लिया। वहीं यहां लगी चाट-पकौड़ी की स्टॉल, कुल्फी आइसक्रीम आदि का भी स्वाद लिया।
Published on:
01 Apr 2025 11:04 am
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