- जिले में 95 हजार हेक्टेयर में हुई थी बुवाई, 20 प्रतिशत फसलों की हो चुकी कटाई, बारिश से गुणवत्ता को होगा नुकसान, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
राजसमंद. जिले के काश्तकारों के लिए अब बारिश आफत साबित होने लगी है। स्थिति यह है कि कटाई के बाद फसलें खेतों में पड़ी है तो कहीं पर काटने की तैयारी है। ऐसे में बारिश के कारण उसके क्वालिटी को नुकसान होगा साथ ही तेज बारिश होने की स्थिति में दाने बिखरने के कारण खराबा होने की संभावना बनी हुई है। जिले में अभी तक 20 प्रतिशत फसलों की कटाई हो चुकी है।
जिले में इस बार मानसून की बारिश औसत से कम हुई है, लेकिन छितराई बारिश और समय-समय पर बारिश होने के कारण खेतों में खरीफ भी फसल लहलहा रही है। लेकिन शुक्रवार रात्रि से जिले में बारिश का दौर फिर से शुरू होने के कारण फसलों में नुकसान की आंशका हो गई है। जिले में इस बार 95050 हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। अगेती बोई फसलों की वर्तमान में कटाई शुरू हो गई है। वर्तमान में 15 हजार से अधिक हेक्टेयर में फसलों की कटाई का अनुमान है। लेकिन फसलों की कटाई के बाद कई स्थानों पर अभी भी फसलें खेतों में पड़ी है। इसके अलावा अन्य फसलें भी पककर तैयार हो गई है, उनकी भी आगामी दिनों में कटाई की जानी है। ऐसे में बारिश के कारण दाने की क्वालिटी खराब होने की आंशका बनी है। इसके कारण किसान चितिंत नजर आ रहे हैं। फसलों की स्थिति के संबंध में कृषि विभाग के उपनिदेशक के. सी. मेघवंशी से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। उल्लेखनीय है कि जिले के देलवाड़ा और खमनोर पंचायत समिति क्षेत्र के करीब 5 से 6 हजार हेक्टेयर में पहले ही बारिश के पानी के जलभराव होने के कारण फसलों को नुकसान हो चुका है।
यह होगा नुकसान
- फसल में दाना खराब हो सकता है
- कीड़े लगने की संभावना बढ़ जाएगी
- बारिश से दाना बिखर भी सकता है
- पानी भरने की स्थिति गल भी सकती है
दिनभर जारी रहा बारिश का दौर
शहर सहित आस-पास के क्षेत्रों में शुक्रवार रात्रि को प्रारंभ हुआ बूंदाबांदी का दौर शनिवार शाम तक जारी रहा। कभी धीरे तो कभी तेज बारिश के कारण लोगो को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। रात्रि में रिमझिम के बाद सुबह बूंदाबांदी का दौर थमा। इसके बाद दोपहर 12 बसे शाम 4 बजे तक कभी धीरे तो कभी तेज बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया और