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तांत्रिक क्रिया से रुपए दोगुने करने का झांसा: नाथद्वारा में एक करोड़ की ठगी का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार,25 लाख बरामद

अंधविश्वास और लालच के जाल में फंसा एक युवक जब अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठा तो पुलिस की मेहनत ने उसके लिए उम्मीद की किरण जगाई।

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Two Accused Arrested

Two Accused Arrested

नाथद्वारा. अंधविश्वास और लालच के जाल में फंसा एक युवक जब अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठा तो पुलिस की मेहनत ने उसके लिए उम्मीद की किरण जगाई। नाथद्वारा के रहने वाले युवक अभिषेक गुर्जर को तांत्रिक क्रिया के नाम पर एक करोड़ रुपए दोगुना करने का झांसा देकर महाराष्ट्र के शातिर ठगों ने लूट लिया था। लेकिन करीब ढाई महीने की जांच और लगातार पीछा करने के बाद श्रीनाथजी मंदिर पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल ठगी का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने पुणे और मुंबई से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से अब तक 25 लाख रुपए नकद बरामद हो चुके हैं। शेष करीब 75 लाख की बरामदगी और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

ठगी की पटकथा: तांत्रिक विद्या का लालच और एकांत स्थान पर बुलावा

श्रीनाथजी मंदिर थाना प्रभारी मोहनसिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पुणे के कोढवा खुर्द, शिवनेरी निवासी अखलाख अंसारी और मुंबई के अंबरनाथ, नेताजी मार्केट निवासी मोहम्मद शोएब हैं। इन दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर नगर निवासी अभिषेक गुर्जर को यह विश्वास दिलाया कि उनके पास एक गुप्त तांत्रिक विद्या है, जिसके जरिये नकदी को दोगुना किया जा सकता है। शिकार को भरोसे में लेने के लिए बदमाशों ने कहा कि पूरा पैसा तांत्रिक क्रिया के दौरान उसी के पास रहेगा और दोगुना हो जाने पर वे केवल अपना हिस्सा लेंगे। इस बहकावे में आकर अभिषेक ने 12 जून 2025 को अपने दोस्त महेंद्रसिंह के साथ एकांत स्थान पर नकद एक करोड़ रुपए पहुंचाए।

पूजा सामग्री, नशीला इत्र और फिर फरारी

जैसे ही अभिषेक और उसका साथी तय स्थान पर पहुंचे, बदमाशों ने वहां "तांत्रिकक्रिया" का नाटक रचा। उन्होंने पूजा सामग्री फैलाई और एक नशीले इत्र का छिड़काव किया, जिससे दोनों युवक भयभीत और असहज हो गए। इसी दौरान शातिर ठगों ने रुपए से भरा कार्टून और कार की चाबी उठाई और मौके से फरार हो गए। काफी देर तक जब आरोपी नहीं लौटे तो अभिषेक को धोखे का अहसास हुआ। अगले ही दिन उसने श्रीनाथजी मंदिर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

एक करोड़ की ठगी से पुलिस भी चौकी

इतनी बड़ी नकदी की ठगी की सूचना पाकर पुलिस भी कुछ समय के लिए हैरान रह गई। मामला दर्ज होते ही पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता, एएसपी महेंद्र कुमार पारिक और नाथद्वारा डिप्टी दिनेश सुखवाल ने विशेष टीम गठित की। थाना प्रभारी मोहनसिंह के नेतृत्व में बनी इस टीम को साइबर सेल का भी सहयोग मिला।

साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन मुंबई और पुणे तक ट्रेस की। कई दिन तक निगरानी के बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

बरामदगी और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने अब तक दोनों आरोपियों से 25 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। अनुमान है कि शेष राशि या तो आरोपियों ने छिपा दी है या अन्य साथियों के पास है। पुलिस अब अन्य फरार बदमाशों की तलाश कर रही है और जल्द ही पूरी राशि की रिकवरी का दावा कर रही है।

अंधविश्वास और लालच का खतरनाक मेल

यह पूरा मामला एक चेतावनी भी है कि किस तरह अंधविश्वास और लालच मिलकर लोगों को ठगी का शिकार बना देते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोग ऐसी अवैज्ञानिक और काल्पनिक बातों पर भरोसा न करें। ठग गिरोह अक्सर इसी प्रकार के प्रलोभन देकर भोले-भाले लोगों से मोटी रकम ऐंठते हैं।