
राजसमंद. जिले में भू-जल सर्वेक्षण विभाग की ओर से पोस्ट मानसून सर्वेे के अनुसार भू-जल स्तर में सात मीटर तक की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन भू-जल का अतिदोहन चिंता का विषय बना हुआ है। जिले के सात ब्लॉक में से पांच अतिदोहित श्रेणी में बरकरार है। जिले में मानसून की अच्छी बारिश हुई थी। इससे भूमिगत जल स्तर में बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी और कमी को समय-समय पर मापने के लिए भू-जल सर्वेक्षण विभाग की ओर से सर्वे कराया जाता है। इसके तहत बारिश से पहले और बारिश के बाद भू-जल स्तर नापने के लिए सर्वे किया जाता है। भू-जल सर्वेक्षण विभाग की ओर बारिश के बाद किए गए सर्वे में जिले में औसत सात मीटर तक भू-जल स्तर में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन बारिश के बाद से ही भू-जल स्तर का अत्यधिक दोहन हो रही है। विभाग की ओर से खमनोर और कुंभलगढ़ संवेदनशील की श्रेणी में है। इसके अलावा सभी ब्लॉक अतिदोहित श्रेणी में पिछले कई वर्षो से बरकरार है। ऐसे में अतिदोहन को रोकने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।
जिले में 18 स्थानों पर भू-जल कृत्रिम पुनर्भरण के लिए रिचार्ज शॉफ्ट का निर्माण करवाया जा रहा है। भू-जल सर्वेक्षण विभाग की ओर से अटल भू-जल योजना के तहत पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में प्रथम चरण में 18 स्थानों पर भू-जल कृत्रिम पुनर्भरण के लिए रिचार्ज शॉफ्ट का निर्माण करवाया जा रहा है। इसके तहत अभी तक दस स्थानों पर इसकी खुदाई सहित अन्य कार्य पूर्ण हो गए हैं। इसके तीन मीटर के दायरे में पक्का स्टे्रक्चर बनाया जा रहा है। इसमें चेम्बर आदि बनाकर फिल्टर आदि लगाए जाएंगे, जिससे बारिश का पानी एकत्र होकर जमीन के भीतर जाएगा। इस पर करीब 72 लाख रुपए खर्च होंगे। इसके सफल होने पर जिले में अन्य स्थानों पर भी इसका निर्माण करवाया जाएगा।
जिले में मानसून की अच्छी बारिश के कारण भू-जल स्तर में बढ़ोत्तरी हुई है। इससे सात मीटर तक भू-जल स्तर बढ़ा है। सात में से पांच ब्लॉक अभी भी अतिदोहित की श्रेणी में बरकरार है।
Published on:
11 Jan 2025 11:49 am
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