
आईडाणा. आमतौर पर वैवाहिक निमंत्रण पत्रों मेंं कार्यक्रम की जानकारी वं परिवार का विवरण होता है। लेकिन, कुछ लोग निमंत्रण पत्रो को समाजिक जागरुकता के रूप में भी प्रयोग करते हैं। इस मौके को सामाजिक बुराई एवं अच्छाई के प्रचार-प्रसार में प्रयोग करने पर निमंत्रण पत्र का महत्व और भी बढ़ जाता है।
कुछ ऐसा ही प्रयोग चारभुजा तहसील के गोमती चौराहा के पास स्थित लोर गांव के एक परिवार ने किया है। इस परिवार ने बेटी के विवाह को लेकर छपवाए निमंत्रण पत्र पर बेटी के गुणों को लेकर एक सुंदर कविता प्रकाशित करवाई है। लोर निवासी हरिसिंह राठौड़ की पौत्री एवं फूलसिंह राठौड़ की पुत्री लीली कंवर उर्फ कृष्णा का विवाह 29 अप्रैल को है। इसको लेकर निमंत्रण पर कन्या भ्रूण हत्या एवं बालिका को एक अभिशाप माने जाने पर एक कविता के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया है। ऐसे में जिस किसी के हाथ में यह पत्रिका जाती है तो वह इसकी प्रशंसा करने के साथ ही इन मुद्दों पर चर्चा भी कर रहा है और इसके साथ ही पत्रिका पर प्रकाशित सामग्री का उद्देश्य भी पूरा हो रहा है। पत्रिका पर ‘बहुत चंचल बहुत खुशनुमा सी होती हैं बेटियां, नाजुक सा दिल रखती है मासूम सी होती है बेटियां, रहमत से भरपूर भगवान की देन है ये बेटियां, कांटों की राह पे ये खुद ही चलती रहेंगी, औरों के लिए फूल बिछाती है बेटियां’ कविता के माध्यम से बेटियों की खूबियों के साथ ही उनके दो परिवारों में रहकर
त्याग एवं तपस्या के बारे में बखूबी उल्लेख किया गया है। इस
प्रकार एक छोटे से गांव में
रहने वाले परिवार के बेटियों को लेकर वर्तमान में उत्पन्न स्थितियों पर किए गए जागरुकता के
अनूठे प्रयास को हर कोई सराह रहा है।
कुछ ऐसा ही प्रयोग चारभुजा तहसील के गोमती चौराहा के पास स्थित लोर गांव के एक परिवार ने किया है। इस परिवार ने बेटी के विवाह को लेकर छपवाए निमंत्रण पत्र पर बेटी के गुणों को लेकर एक सुंदर कविता प्रकाशित करवाई है
Published on:
21 Apr 2018 12:33 pm

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