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Water Supply News : अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में पानी के लिए नहीं करनी पड़ेगी दौड़-धूप

- दस लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन से पेयजल आपूर्ति कम होते ही पहुंचाएंगे टैंकर, टैंकरों पेयजल आपूर्ति के लिए 4 करोड़ रुपए स्वीकृत, 424 गांवों में सर्वाधिक परेशानी

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Water Supply News : अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में पानी के लिए नहीं करनी पड़ेगी दौड़-धूप

राजसमंद के मुख्य मार्ग से गुजरता पानी का टैंकर

राजसमंद. पेयजल समस्या से जूझ रहे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए थोड़ी राहत की खबर है। इन क्षेत्रों में पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए टैंकरों के लिए 4 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इससे पानी की सप्लाई शुरू कर दी है। शहरी क्षेत्र में आवश्यकता होने पर इनके माध्यम से पानी पहुंचाया जाएगा।
जिले में मानसून की बारिश कम होने के कारण अधिकांश स्थानों पर पेयजल संकट गहराता जा रहा है। स्थिति यह है कि जिला मुख्यालय पर 48 घंटे में पेयजल आपूर्ति हो रही है। कई स्थानों पर पानी का प्रेशर कम होने से पीने के पानी तक भराई में नहीं आता है। यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की है। यहां पर 72 घंटे से अधिक समय में आपूर्ति हो रही है। ऐसे में अब जलदाय विभाग ने आवश्यकता के अनुसार टैंकरों से पानी की सप्लाई शुरू कर दी है। जलदाय विभाग के अनुसार जहां पर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 10 लीटर से कम पानी पहुंचता है वहां आवश्यकता होने पर टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वाधिक स्थिति खराब है। ऐसे में मई और जून में ओर स्थिति खराब हो सकती है। हालांकि बाघेरी नाके के भरने से नाथद्वारा और इसके आस-पास के गांवों में राहत है। वहीं राजसमंद झील में नाममात्र का पानी बचा है। इसके कारण यहां भी स्थिति गंभीर होती जा रही है।
जिले के लिए 395 लाख से अधिक स्वीकृत
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकरों से जलापूर्ति के लिए 308.95 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इसी प्रकार देवगढ़ के लिए 36.15 लाख, आमेट 35.80 लाख और राजसमंद के लिए 18.13 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की सप्लाई शुरू हो गई है।
424 गांवों में स्थिति खराब
जिले में 1042 गांवों में से भीम, आमेट, कुंभलगढ़ और रेलमगरा क्षेत्र के गांवों की स्थिति खराब है। भीम, आमेट और कुभंलगढ़ और आस-पास के क्षेत्रों के गांवों में अधिकांश स्थान पहाड़ी क्षेत्र हैं। इसके कारण 424 गांवों की स्थिति सर्वाधिक स्थिति खराब है। शेष गांवों में आवश्यकता के अनुसार टैंकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

शहरी क्षेत्र में खुदेंगे 54 हैंडपंप
जिला मुख्यालय स्थित नगर परिषद क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड डीएमएफटी फंड से हैंडपंप खोदा जाएगा। इसमें प्रत्येक हैंडपंप पर 1.20 लाख रुपए खर्च होंगे। इसके लिए डीएमएफटी फंड से फाइनेंशल स्वीकृति शेष है। इसकी स्वीकृति मिलते ही वार्डो में हैंडपंप की खुदाई प्रारंभ कर दी जाएगी। जलदाय विभाग ने इसके लिए स्थान भी चिन्हित कर लिए हैं। इससे शहरी क्षेत्र के लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी।

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