
RK Hospital Rajsamand आरके जिला अस्पताल के नए प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने व्यवस्थाओं में बदलाव और बेहतरी को लेकर एक्शन प्लान तैयार किया है। इसमें मरीजों की सहूलियत और सुविधाओं के मद्देनजर आम लोगों से मिले फीडबैक के आधार पर एक्स-रे, बायोकैमेस्ट्रिी और माइक्रोबायोलॉजी सैम्पलिंग और जांचों का समय बढ़ाने का दावा किया है, वहीं आपातकालीन स्थिति में रात में भी ये सुविधाएं तकनीशियन को बुलाकर ऑन काल दी जाएंगी। चिकित्सालय के कई मुद्दों को लेकर उन्होंने पत्रिका से बाचीत में उन्होंने दिए सवालों के जवाब।
सवाल : सबसे बड़े अस्पताल में सैम्पलिंग व जांचों का समय कम क्यों है?
उत्तर : सुबह 9 से 12 तक रूटीन में हो रही सामान्य जांचों की सैम्पलिंग का समय बढ़ाकर ओपीडी समय समाप्ति 3 से एक घंटे पहले तक करने का प्रयास है। 3 से रात 8 बजे तक एक लैब तकनीशियन की ड्यूटी लगाएंगे। इसके बाद देर रात तक भी आपातकालीन जांचों के लिए ऑन कॉल तकनीशियन बुलाकर जांचें करवाने की व्यवस्था की जा रही है। एक्स-रे सुविधा भी इसी तर्ज पर हर समय मुहैया कराएंगे।
सवाल: बाहर से जांचें करवाने के लिए अस्पताल में काफी संख्या में लपके सक्रिय हैं, चिकित्सालय उन्हें क्यों काबू नहीं कर पा रहा?
जवाब : मरीजों और तीमारदारों को गुमराह कर उनकी जेबें खाली कराने वाले लपकों पर नियंत्रण का प्लान तैयार है। हरेक आउटडोर के बाहर गलियारों में हम 7 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगवा रहे हैं। लपकों को चिह्नित करेंगे, नहीं माने तो उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाएंगे।
सवाल: निजी एम्बुलेंस संचालकों की मनमानी से मरीज व तीमारदार परेशान हैं, इसके लिए क्या करेंगे?
जवाब : दुर्घटना में गम्भीर घायल-बीमारों को आपातकालीन स्थिति में रैफर करने की जरूरत पडऩे पर इमरजेंसी के बाहर 108 एम्बुलेंस खड़ी रहेगी, ताकि लोगों को निशुल्क रेफरल सुविधा मिल सके। अस्पताल परिसर में निजी एम्बुलेंस की बढ़ती गतिविधियों पर भी लगाम लगाएंगे।
सवाल : मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के लिए और क्या करेंगे?
जवाब : बिस्तरों पर साफ-सुथरी चद्दरें व कम्बलें मिलेंगी। अब हर सोमवार को बादामी, मंगलवार को गुलाबी, बुधवार को हरी, गुरुवार को पीली, शुक्रवार को सफेद और शनिवार को आसमानी रंग की चद्दरें बिछाई जाएंगी। यह प्रोटोकॉल सख्ती से लागू होगा। सर्दी में सभी वार्डों में हीटर लगाएंगे। शुरुआत जनाना वार्ड, आईसीसीयू और इमरजेंसी से करेंगे।
सवाल : डॉक्टर कई बार समय पर नहीं आते और मरीजों की कतारें लग जाती हैं, इसे कैसे बदलेंगे?
जवाब : हरेक चिकित्सक, जो ड्यूटी पर हैं, वह समय पर पहुंचे और मरीजों को देखे, यह सुनिश्चित करेंगे। शिकायतों और फीडबैक के आधार पर जरूरी कार्रवाई भी करेंगे।
सवाल : मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में सोनोग्राफी शुरू होते ही बंद हो गई, सुविधा बहाल करने के लिए क्या प्लान है?
जवाब : हमारे पास 4 सोनोग्राफी मशीन है। एक पहले से सुचारू है। एमसीएच विंग में लगी सोनोग्राफी मशीन को चलाने के लिए उन्हीं डॉक्टर को दो घंटे के लिए समय निर्धारित कर वहां बैठाएंगे, ताकि गर्भवती महिलाओं को मुख्य भवन के सोनोग्राफी कक्ष तक नहीं आना पड़े।
समस्याएं बताने पहुंचे लोग
डॉ. रमेश रजक के पीएमओ का पदभार ग्रहण करते ही कई लोग अस्पताल में व्याप्त बदइंतजामी की शिकायतें और सुझाव लेकर पहुंचे। उन्होंने सैम्पलिंग व जांच, उपचार की आपातकालीन सुविधा, सोनोग्राफी, एक्स-रे, लपकों की समस्या, निजी एम्बुलेंसकर्मियों की धांधली और अन्य अनेक बिन्दुओं को लेकर पीएमओ से वार्ता की व सुझाव दिए। पीएमओ ने समयबद्ध ढंग से समाधान करवाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता रामलाल जाट, सामाजिक कार्यकर्ता कुलदीप गौड़ व अन्य मौजूद थे।
Published on:
22 Dec 2023 10:31 pm

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