
साजिश के तहत हुआ हेड कांस्टेबल पर हमला, लहूलुहान तड़पते रहे, वारदात से पुलिस-प्रशासन सकते में
भीम (राजसमंद).
उपखंड की बरार ग्राम पंचायत के रातिया थाक गांव में हेड कांस्टेबल पर हमला ( Police head constable murder in Rajsamand ) सोच-समझकर किया गया। वारदात को अंजाम देने के लिए हमलावरों ने सुनसान जगह चुनी, जो गांव से बाहर करीब एक किलोमीटर दूर है।
पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
शाम के वक्त घटनास्थल पर सड़क किनारे ही वह घायलावस्था में पड़े थे। आते-जाते किसी ने पुलिस थाने में सूचित किया और एम्बुलेंस मंगवाकर घायल हेड कांस्टेबल को भीम के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया। वारदात की सूचना मिलने पर पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। यही नहीं, पूरा पुलिस प्रशासन भी सकते में आ गया।
अस्पताल परिसर में लोग एकत्र
भीम सीआई, उप अधीक्षक और राजसमंद से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश गुप्ता मौके के लिए रवाना हो गए। प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पहुंचे। भीम अस्पताल में चिकित्सकों ने घायल हेड कांस्टेबल ( attacked on police ) का उपचार शुरू किया ही था कि थोड़ी देर बाद उनका दम टूट गया। यह खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अस्पताल परिसर में लोग एकत्र हो गए। उधर, गांव के के बाहर घटनास्थल पर भी पुलिस पहुंची तथा लोग आ गए। पुलिस प्रशासन में हड़कम्प मचा रहा।
बयान दर्ज कर लौट रहे थे थाने
मौके के हालात बता रहे थे कि पुलिस अधिकारी पर किसी भारी वस्तु से सिर पर वार किए गए। देर रात पता चला कि 12 जुलाई को जमीन विवाद में दर्ज मारपीट के एक मामले में बयान दर्ज कर मोटरसाइकिल से लौट रहे थे। रास्ते में अज्ञात मोटरसाइकिल सवार लोगों ने चलती बाइक पर उनके सिर पर लट्ठ से हमला कर दिया, जिससे वह बीच रास्ते में ही गिर पड़े और आरोपी भाग छूटे।
देर रात तक पुलिस नहीं पहुंची किसी नतीजे पर
एक पुलिस अधिकारी की हत्या होने पर पुलिस जांच में तो जुटी रही, लेकिन देर रात तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। आला अधिकारी मामले की तहकीकात में जुटे रहे। हालांकि देर शाम एक व्यक्ति को पुलिस जीप में बैठाकर लाई और हिरासत में लिया, मगर उसे लेकर कोई खुलासा नहीं किया गया। देर रात पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव भी मामले की गम्भीरता को देखते हुए भीम पुलिस थाने पहुंचे तथा अनुसंधान के दिशा-निर्देश दिए।
कुंवारिया से परिवार भीम पहुंचा
हेड कांस्टेबल ( police head constable abdul ghani murder ) के परिवार में चार पुत्रियां और एक पुत्र तथा पत्नी है, जो इन दिनों कुंवारिया में ही रह रहे थे। ये सभी देर रात भीम पहुंच गए। अब्दुल गनी फरवरी 1995 में राजस्थान पुलिस सेवा में आए थे। पुलिस कांस्टेबल के तौर पर कुंवारिया, आमेट, देवगढ़, राजसमंद में सेवाएं दी।
मुस्लिम महासभा की गिरफ्तारी की मांग
इधर, देवगढ़ मुस्लिम महासभा ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
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Published on:
14 Jul 2019 06:00 am
