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राजसमंद बना राजस्थान का नंबर वन जिला: सरकारी योजनाओं में बैंकों की भागीदारी से रचा नया कीर्तिमान

राजस्थान का हृदय कहे जाने वाले राजसमंद जिले ने एक बार फिर अपने समर्पण, संगठित प्रयास और नवाचार से राज्य में अव्वल आया है।

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rajsamand News

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राजसमंद. राजस्थान का हृदय कहे जाने वाले राजसमंद जिले ने एक बार फिर अपने समर्पण, संगठित प्रयास और नवाचार से राज्य में अव्वल आया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही वित्तीय योजनाओं के क्रियान्वयन में राजसमंद ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि केवल आंकड़ों की जीत नहीं, बल्कि ज़मीन पर योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन, प्रशासन की प्रतिबद्धता और बैंकिंग तंत्र की एकजुटता की जीवंत कहानी है। यह महत्वपूर्ण घोषणा 165वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में की गई, जहां “बुलेटिन ऑन बैंक-रिलेटेड फाइनेंशियल स्कीम्स परफॉर्मेंस - मई 2025” रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार, राजसमंद जिले ने राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जयपुर और सवाई माधोपुर जिले क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

जिला प्रशासन की रणनीति और नवाचारइस सफलता के पीछे सबसे बड़ी भूमिका जिला प्रशासन की रही। उन्होंने न केवल प्रशासनिक टीम को संगठित किया, बल्कि बैंकिंग नेटवर्क को भी साथ लेकर एकीकृत विकास की दिशा में कार्य किया। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण जैसी योजनाओं के तहत सैकड़ों लोगों को समय पर ऋण और बीमा सुरक्षा दी गई।

बैंकों की सामूहिक भूमिका: एक अनुकरणीय मॉडल

इस सफलता में केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि जिले की बैंक शाखाओं की टीमवर्क भी विशेष रूप से सराहनीय रही। अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक प्रेम शंकर जीनगर की अगुवाई में जिले की सभी बैंक शाखाओं ने योजनाओं के क्रियान्वयन में सामूहिक भागीदारी निभाई।

नाबार्ड और आरबीआई का सक्रिय सहयोग

राजसमंद की इस उपलब्धि में नाबार्ड और रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया की क्षेत्रीय इकाइयों का भी अहम योगदान रहा। उन्होंने समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशासन को सहयोग दिया। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक ने ग्राम स्तर पर वित्तीय साक्षरता अभियान चलाया और स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रदेश की जिलेवार रैंक

  • जिले नाम रैंक
  • राजसमंद 01
  • जयपुर 02
  • सवाई माधोपुर 03
  • झुंझुनूं 04
  • भीलवाड़ा 05
  • सीकर 06
  • टोंक 07
  • अजमेर 08
  • बूंदी 09
  • करौली 10
  • बांसवाड़ा 11
  • झालावाड़ 12
  • चूरू 13
  • चित्तौडगढ़़ 14
  • पाली 15
  • हनुमानगढ 16
  • गंगानगर 17
  • प्रतापगढ़ 18
  • सिरोही 19
  • जालौर 20
  • उदयपुर 21
  • बीकानेर 22
  • दौसा 23
  • डूंगरपुर 24
  • नागौर 25
  • अलवर 26
  • जोधपुर 27
  • भरतपुर 28
  • कोटा 29
  • बारां 30
  • बाड़मेर 31
  • जैसलमेर 32
  • धौलपुर 33
  • डीडवाना-कुचामन 34
  • ब्यावर 35
  • डीग 36
  • खैरथल-तिजारा 37
  • कोटपूती-बहरोड़ 38
  • सलूंबर 39
  • फलौदी 40
  • बालोतरा 41

इनका कहना है

यह केवल आंकड़ों की जीत नहीं है, बल्कि आमजन के विश्वास की जीत है। हमारे लिए हर योजना सिर्फ एक फॉर्मैलिटी नहीं, बल्कि जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है। हमने हर स्तर पर पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी।” इसके लिए बैंक अधिकारियों और विभागीय टीम को बधाई दी है।

बालमुकुंद असावा, जिला कलक्टर, राजसमंद

यह उपलब्धि सभी बैंक साथियों, प्रशासन और लाभार्थियों की सामूहिक प्रतिबद्धता का परिणाम है। हमने यह सुनिश्चित किया कि हर योजना हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचे और समय पर ऋण तथा बीमा लाभ मिले। बैंकों ने महज वित्तीय संस्थान की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि समाज के विकास में साझेदार बने।

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प्रेम शंकर जीनगर, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक, राजसमंद