
देवगढ़ (राजसमंद.). राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित एक पेट्रोल पंप के सामने मंदिर की जमीन के विवाद में रविवार रात 10-12 लोगों ने दुकान में घुसकर पुजारी और उसकी पत्नी पर पेट्रेाल बम फेंककर आग लगा दी। ८0 फीसदी झुलसे पुजारी दम्पती को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत गम्भीर है। आरोपी मौके से फरार हो गए। इस विवाद में इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर कामलीघाट स्थित एस्सार पेट्रोल पंप के सामने स्थित मंदिर की जमीन का कुछ समय से विवाद चल रहा है। इसी सिलसिले में रविवार रात करीब 8:30 बजे 10-12 लोग एक चद्दरनुमा दुकान में घुसे, जहां पुजारी का परिवार रहता है। बताया गया कि दुकान में उन्होंने पेट्रोल बम फेंके, जिससे दुकान में आग लग गई।
खाना खा रहा था पुजारी परिवार
पुजारी के पुत्र मुकेश प्रजापत ने बताया कि उनका परिवार खाना खा रहा था। करीब 10 बदमाश आए थे। पट्रोल बम फेंकने से पुजारी नवरत्नलाल ( 75) पुत्र रंगलाल प्रजापत एवं उनकी पत्नी जमना देवी (60) निवासी हीरा की बस्सी के कपड़ों ने आग पकड़ ली। दोनों बुरी तरह झुलस गए। मुकेश ने पानी डालकर आग बुझाई। बताया कि विवाद को लेकर पूर्व में उन्होंने कामलीघाट चौकी पर रिपोर्ट भी दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
आग की लपटें देखकर
आग की लपटों और धुएं को देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी भाग चुके थे। ग्रामीणों ने पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाई और देवगढ़ पुलिस तथा 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। ग्रामीणों ने एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को देवगढ़ हॉस्पिटल भेजा।
80 फीसदी झुलसे
सीएचसी में डॉ. अनुराग शर्मा, डॉ. शांतिलाल एवं मेडिकल टीम ने उनका उपचार शुरू किया। बताया कि घायल पुजारी नवरत्न प्रजापत (80) प्रतिशत तक झुलस गए। उन्हें प्रारम्भिक उपचार के बाद रैफर कर दिया गया।
अस्पताल में भीड़
सूचना पर देवगढ़ थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत जाप्ता लेकर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। तहसीलदार मुकन्द सिंह, एसआई प्रताप सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान हॉस्पिटल में भीड़ एकत्रित हो गई। इधर, पुलिस ने देर रात दो टीमें दबिश देने के लिए भेजी। पुलिस ने मामले में करीब 8 संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया है।
Published on:
20 Nov 2022 10:39 pm

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