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फर्जी कॉल सेंटर का भण्डाफोड़, मध्यप्रदेश के देवास से 8 ठग गिरफ्तार, 20 मोबाइल बरामद

ई-मित्र संचालक के साथ ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला, राजसमंद साइबर थाने की पहली बड़ी कार्रवाई, देवास से संचालित कॉल सेंटर के जरिए कर चुके एक करोड़ से ज्यादा की ठगी

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राजसमंद. जिले की नवगठित साइबर थाना पुलिस ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के देवास से संचालित फर्जी कॉल सेंटर का भण्डाफोड़ किया है। गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 20 मोबाइन फोन जब्त किए। ई-मित्र संचालकों के साथ ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर यह गिरोह लोगों से अब तक करीब एक करोड़ रुपए ठग चुका है।
पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि गत फरवरी में परिवादी मनीष कुमार (26) पुत्र प्रेमशंकर भोई साल निवासी शीतला माता मंदिर, राजनगर ने नवसृजित साइबर थाने में रिपोर्ट दी थी। उसमें बताया कि कुछ महीने पहले आए कॉल में उसे कॉलर ने करेंसी मार्केट में ऑनलाइन ट्रेडिंग करने और अच्छा मुनाफा मिलने का झांसा दिया। मनीष ने ठगों द्वारा वाट्सएप्प पर भेजे लिंक व लॉगइन आईडी पासवर्ड से वेबसाइट खोली, उसमें ठगों द्वारा डेमो के तौर पर दर्शायी गई राशियों को देख भरोसा कर लिया। ठगों ने फरियादी का झांसा देकर उनके बताए बैंक खाते में शुरुआती तौर पर छोटी राशि का निवेश करवा लिया। चूंकि वेबसाइट का नियंत्रण ठगों के हाथ में था, उन्होंने निवेशित राशि में लाभ जोड़कर बढ़ी हुई राशि दर्शानी शुरू कर दी। मनीष को और निवेश के लिए प्रेरित किया। बार-बार ऐसा करने पर उसने कुल 2 लाख 10 हजार रुपए जमा करवा दिए।

निवेश और लाभ मांगा को मुकर गए
मनीष ने जमा राशि और लाभांश मांगा तो ठग आनाकानी करने लगे। और अधिक पैसा मांगने लगे। मनीष को धोखाधड़ी का अहसास हो गया तो वह साइबर थाने पहुंचा। प्रकरण दर्ज कर थाना प्रभारी बेनीप्रसाद मीणा (डीएसपी) ने एसपी व एएसपी शिवलाल बैरवा के निर्देशन में अनुसंधान शुरू किया।

उज्जैन और देवास में पुलिस टीमें आइसक्रीम वाला बनकर पहुंचीं
पुलिस निरीक्षक (साइबर सेल) रमेश कविया के नेतृत्व में डीएसटी के सदस्यों के साथ दो विशेष टीमें गठित की। उज्जैन व देवास (मध्यप्रदेश) में टीमों ने तीन दिनों तक अज्ञात अपराधियों के ठिकानों की जानकारी ली। पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग वेश बदल कर पूछताछ की। कभी आइसक्रीम वाला बनकर तो कभी दुकान और मकान किराए पर लेने के लिए पूछताछ की। कॉल सेण्टर का पता तो लग गया, लेकिन सभी आरोपियों के एकसाथ एकत्रित होने का इंतजार किया। जब तमाम आरोपी एक जगह सेंटर पर मौजूद थे, तब छापा मारा गया। दोनों टीमों ने सभी आरोपियों को डिटेन कर लिया और राजसमंद ले आए।

कई राज्यों में ठगी की आशंका
आरोपियेां ने पूछताछ में मनीष भोई के साथ फोरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी करना कबूल कर लिया। आरोपियों को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा। इस गिरोह द्वारा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, मुम्बई व अन्य राज्यों के कई लोगों को फोरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर ठगने की आशंका है। पुलिस अदालत से रिमाण्ड मांगेगी। पूछताछ मे और भी मामले खुलने की संभावना है।

कांस्टेबल को इनाम के लिए प्रस्ताव भेजेंगे
आरोपियों का डिजिटल डेटा संग्रह करने व कांस्टेबल इन्द्रचन्द चोयल की खास भूमिका रही। इस मामले में उचित इनाम के लिए पुलिस मुख्यालय को जिला पुलिस अधीक्षक स्तर से जल्द प्रस्ताव भेजा जाएगा।

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