
राजसमंद. राज्य सरकार की ओर से नगर परिषद में मनोनीत (सहवृत) पार्षदों को दो से अधिक संतान नहीं होने सम्बंधी शपथ-पत्र जमा नहीं करवाने को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।
भरत कुमार पुत्र तुलसीराम राव निवासी धोइन्दा ने अधिवक्ता रजनीकांत सनाढ्य के जरिए उच्च न्यायालय में पेश याचिका में बताया कि स्वायत्त शासन विभाग, जयपुर ने 14 जून, 2021 को अधिसूचना जारी कर नगर परिषद राजसमंद में आठ पार्षद (सहवृत) सदस्य अनिल कुमावत, रूबिना सिलावट, संदीप व्यास, संजय कावडिय़ा, रामलाल मीणा, ठाकुर तरवाड़ी, सम्पत सिंह राव तथा बृजेश कुमार पालीवाल का मनोनयन किया था।
याचिका में बताया कि मनोनीत पार्षद का विधि अनुसार नगर परिषद अधिनियम की धारा-24 के अनुसार 30 दिन में हर पार्षद को एक घोषणा-पत्र मय शपथ-पत्र सक्षम अधिकारी से प्रमाणित कराकर पेश करना होता है। इसमें उसके दो से अधिक संतान नहीं होने की घोषणा करनी होती है। सक्षम अधिकारी के समक्ष तय समयावधि में शपथ-पत्र पेश नहीं करने पर राज्य चुनाव आयुक्त, संभागीय आयुक्त व स्वायत्त शासन विभाग को 29 जुलाई, 2021 को पत्र भेजकर अवगत करवाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद भरत कुमार ने उच्च न्यायालय, जोधपुर की शरण ली। अधिवक्ता एस.पी.शर्मा व दलपत सिंह राठौड़ के माध्यम से पेश याचिका में शपथ-पत्र नहीं देना विधि विरुद्ध बताते हुए सभी पार्षदों को अयोग्य घोषित होने के योग्य बताया। संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने गुरुवार को राज्य सरकार को इस सम्बंध में नोटिस जारी किया है।
Published on:
20 May 2023 11:57 am

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