
Piplantri राजसमंद. पर्यावरण संरक्षण के मॉडल पिपलांत्री गांव की नर्सरी में अनूठा कार्यक्रम हुआ। यहां पेड़ों को किशोरियों ने राखियां बांधी, वहीं इस साल जन्मीं 40 बेटियों के नाम 111 पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, परमवीर चक्र विजेता कैप्टन योगेन्द्रसिंह यादव, सांसद दीया कुमारी सहित कई विशिष्ट लोगों ने शिरकत की।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल कटारिया ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो पीढिय़ां सुरक्षित रहेंगी। समाज बात करने वालों को नहीं, काम करने वाले वालों को याद रखता है। जिस तरह पिपलांत्री में समर्पित भाव से काम हुआ, वैसे ही सब लोग करें।
उन्होंने कहा कि हम राजनीति में पिछले 40 साल से भाषण देते रहे, लेकिन हम अपने गांव को नहीं चमका पाए। लेकिन पद्मश्री डॉ. श्यामसुन्दर पालीवाल ने एक पहाड़ी पर सारे हिन्दुस्तान को लाकर खड़ा कर दिया है। इस वर्ष जन्मी बेटियों के नाम से 111 पौधे लगाए और किरण फाउंडेशन की ओर नवजात के नाम पर 21-21 हजार की एफडी देकर मां-बेटी को सम्मान दिया। ऐसा सम्मान कहीं नहीं दिया जाता है।
- मां-बेटी का अभिनंदन
इस वर्ष जन्मी 40 नवजात बच्चियों का पूजन हुआ व माताओं का साड़ी ओढ़ाकर सम्मान किया गया। फिर उनके नाम से पौधे लगाए। बालिकाओं ने पेड़ों के राखियां बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
- अतिथियों को भी बांधी राखी
बालिकाओं ने राज्यपाल कटारिया, करगिल युद्ध के शूरवीर कैप्टन योगेन्द्रसिंह यादव और वहां मौजूद फौजी भाइयों के राखी बांधी। समारोह में राज्यपाल कटारिया की पत्नी अनिता, सांसद दीया कुमारी, राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी, कुंभलगढ़ विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़, जिला प्रमुख रतनी देवी, प्रधान अरविन्द सिंह राठौड़ का पिपलांत्री सरपंच अनिता पालीवाल और पद्मश्री श्यामसुंदर पालीवाल ने साफा बांधकर और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। बालिकाओं ने अतिथियों को भी राखी बांधी।
- सहयोगकर्ताओं का सम्मान
पद्मश्री पालीवाल ने स्वागत भाषण में में बताया कि यहां एक करोड़ की लागत से नर्सरी लगाई, जिसमें ड्रेगन फ्रूट से लेकर सभी तरह के फल के पौधे ग्रामीणों को उपलब्ध कराए हैं। यह सभी के प्रयासों से संभव हो सका। पर्यावरण संरक्षण और जलसंरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी, भामाशाह और काश्तकारों को स्मृति सम्मानित किया गया। विधायक माहेश्वरी ने सभी का आभार जताया। यहां विभिन्न कार्यों का लोकार्पण भी हुआ।
- भारत के सैनिक कटे हाथों से भी बंदूक नहीं छोड़ते- यादव
करगिल युद्ध में अतुल्य शौर्य के प्रदर्शनकर्ता कैप्टन योगेन्द्र सिंह ने समारोह में कहा कि मां ने सीने का दूध पिलाया और सीने पर ही गोली खाना सिखाया, दुश्मन को पीठ दिखाना नहीं। पूरे विश्व में करीब 200 देश हैं। सभी की अपनी-अपनी सेनाए हैं, लेकिन भारत की सेना की धाक पूरी विश्व में है। हिन्दुस्तानी सैनिक कभी भागता नहीं। भारत के सैनिकों के कटे हाथों से भी बंदूकें नहीं छूटती हैं। यह भारत माता के संस्कार है। उन्होंने कारगिल युद्ध से जुड़ी आपबीती सुनाई तो पाण्डाल में मौजूद प्रत्येक शख्स के रौंगटे खड़े हो गए और भारत माता के जयकारों से पाण्डाल गूंज उठा। उन्होंने कहा कि बेटियों ने पेड़ों करे राखियां बांध पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया है।
- देश के प्रत्येक गांव में हों ऐसे कार्य
सांसद दीया कुमारी ने कहा कि जहां अवैध खनन होता था, उस स्थान को स्वर्ग बना दिया है। पूरे भारत के प्रत्येक गांव में इस तरह के प्रेरणादायक काम हों। बेटे ही नहीं, बेटियों पर भी देश की जिम्मेदारी है। महिला अपने पीहर और ससुराल पक्ष को संभालती है। ऐसे में उनकी सबसे अधिक जिम्मेदारी बनती है।
असम में 17 को लगाएंगे एक साथ एक करोड़ पौधे
राज्यपाल कटारिया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि असम को प्रकृति ने बहुत कुछ दिया है। वहां एक तिहाई वन क्षेत्र और बारिश भी अच्छी होती है। असम के मुख्यमंत्री 17 सितम्बर को पूरे प्रदेश में एक साथ एक समय पर एक करोड़ पौधे लगाकर पर्यावरण का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि असम की टीम को पिपलांत्री से भेजा जाएगा। पिपलांत्री पंचायत पूरे देश में मॉडल पंचायत बन गई है। पूरी दुनिया के लोग इसे देखने आते हैं। एक व्यक्ति के प्रयास से गांव के पर्यावरण को सुधारा जा सकता है। बच्चियां राखी बांध सुरक्षा का वचन देती हैं। दूसरी पंचायतें भी इसका अनुसरण करें।
Published on:
30 Aug 2023 11:20 pm

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