
पीपली आचार्यान. भाटोली से गुजरती बनास नदी में शुक्रवार दोपहर तीन बजे डूबे 12 वर्षीय बालक का शव करीब 18 घंटे बाद शनिवार सुबह नौ बजे मिल गया। इस घटना से विचलित बालक के नाना की तबीयत खराब हो गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पूरे गांव में शोक छाया हुआ है।
दीपक पुत्र प्रकाश चौधरी निवासी जीवाखेड़ा (रेलमगरा ) हाल नान्दोली नहाते वक्त गहरे पानी में डूब गया था, जिसे सिविल डिफेंस के जवान, ङ्क्षहदुस्तान ङ्क्षजक दरीबा की रेसक्यू टीम व स्थानीय ग्रामीणों ने बीती देर रात तक ढूंढा, लेकिन नहीं मिला। शनिवार सुबह 6 बजे से फिर आसपास के गांवों के लोगों, स्थानीय तैराक एवं सिविल डिफेंस के जवानों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नान्दोली के कुछ युवा मोही बनास पुल तक भी ढूंढते हुए पहुंच गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। सुबह 9 बजे दीपक ने डूबते वक्त अंतिम बार जहां हाथ बाहर निकाला था, उससे मात्र 100-200 फीट की दूरी पर ही वह गहरे खड्डे में फंसा हुआ था। सिविल डिफेंस के जवानों, रेस्क्यू टीम एवं राज्यावास निवासी शंकर ङ्क्षसह, नाथू ङ्क्षसह, कैलाश भील, पुष्कर भील, हीरालाल लौहार आदि के सहयोग से शव को बनास नदी से बाहर निकाल लिया गया। मौके पर उपस्थित पुलिस ने शव को आरके जिला चिकित्सालय पहुंचाया व जरूरी कागजी कार्रवाई की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन जीवाखेड़ा ले गए, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
ननिहाल रातभर गमगीन माहौल
बचपन से अपने ननिहाल नांदोली में रह रहे दीपक के साथ अचानक हुई घटना से रातभर ननिहाल वाले सदमे में रहे और सो नहीं सके। किसी ने दोहिता तो किसी ने भाणेज की तरह अपना प्यारा बच्चा बताते हुए लोग फूट-फूट कर रोते रहे। नानाजी बद्रीलाल जाट की तबीयत ज्यादा खराब होने से शुक्रवार रात्रि को राजसमंद के निजी चिकित्सालय में ले जाकर उपचार करवाया गया। मृतक के पिता प्रकाश चौधरी, मां माता एवं बड़ी बहन दिव्या (14) भी बेसुध हो रहे थे। नांदोली एवं जीवाखेड़ा में रह रहे परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
नांदोली विद्यालय में दी श्रद्धांजलि
दीपक जाट पिता प्रकाश जाट निवासी जीवाखेड़ा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, नांदोली में कक्षा 6 में पढ़ता था। असामयिक निधन से विद्यालय परिवार में भी शोक की लहर छा गई। अध्यापिका मधु पालीवाल ने बताया कि संस्थाप्रधान मीना कुमारी के सान्निध्य में विद्यालय में शोकसभा हुई। भगवान से मृतक आत्मा को अपने चरणों में स्थान देने, परिवार एवं विद्यालय परिवार को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की व अध्यापक एवं विद्यार्थियों ने मौन रखकर अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी।
Published on:
01 Oct 2023 01:08 pm

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