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मोदी ने जिस ट्रेन को दिखाई थी हरी झण्डी, उसके लिए रेलवे ने पौने तीन घंटे रोक दी यात्रियों से भरी दूसरी रेल

परेशानी: राजसमंद के कामलीघाट स्टेशन पर हेरिटेज ट्रेन के स्वागत में खड़ी रही नियमित रेल, कामलीघाट पर बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं हुई परेशान

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देवगढ़. मारवाड़ से गुरुवार को पहली बार नियमित सफर पर निकली हेरिटेज ट्रेन के कामलीघाट में स्वागत को लेकर प्रतिदिन चलने वाली रेल को कामलीघाट रेलवे स्टेशन पर करीब पौने तीन घंटे तक रोककर रखा गया। इस दौरान ट्रेन में सवार सैकड़ों बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और आमयात्री खासे परेशान हो गए।
हेरिटेज ट्रेन के कामलीघाट पहुंचने से पहले मावली-मारवाड़ नियमित ट्रेन कामलीघाट रेलवे स्टेशन पर प्रात: 11.45 बजे पहुंची। यहां ट्रेन को दोपहर 2.20 तक खड़ा रखा गया। इस दौरान उसमें सवार सैकड़ों यात्री गर्मी से परेशान हो गए। ज्यादातर यात्रियों को उनकी ट्रेन रोकने के कारण का भी पता नहीं था। ऐसे में एक-दूसरे से पूछताछ करते रहे।

हेरिटेज ट्रेन देखने उमड़े लोग
हेरिटेज ट्रेन को पहले दिन कामलीघाट में देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ी। उन्हें आरपी एवं आरपीफ पुलिस ने पटरियों से दूर किनारे पर खड़ा करवाया। हेरिटेज ट्रेन के साथ प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर सेल्फी ङ्क्षखचवाने का भी प्रयास किया, लेकिन उन्हें रेलवे कर्मचारियों ने रोक दिया।

1934 में इस रूट पर पहली बार चली थी भाप के इंजन से ट्रेन
इसी ट्रैक पर पहली बार साल 1934 में भाप इंजन की ट्रेन चली थी। बाद में मीटरगेज रेल चली, जो अब तक चल रही है। पिछले कई वषों से क्षेत्रवासी इस रूट पर मीटरगेज को ब्रॉडगेज में परिवर्तित करने की मांग उठा रहे हैं, लेकिन घाट सेक्शन में 16 डिग्री तक घुमाव होने के कारण मावली-मारवाड़ ट्रेक पर यह हिस्सा अधरझूल में रहा। ऐसे में भारतीय रेलवे ने नई पहल कर हेरिटेज ट्रेन का संचालन शुरू किया।

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