
राजसमंद. प्राणघातक हमले व जातिगत अपमान के तीन साल पुराने एक मामले में एससी-एसटी कोर्ट ने गुरुवार को फैसला देते हुए तीन आरोपियों को आजीवन कारावास तथा 1.30 लाख रुपए का अर्थदण्ड सुनाया। आरोपी शिवलाल उर्फ शिवा, कमलेश व सरीन को विशिष्ट न्यायाधीश पवन कुमार जीनवाल ने सजा सुनाई।
परिवादी अभिषेक खींची ने 23 सितम्बर, 2020 को राजनगर थाने में रिपोर्ट पेश की, जिसमें बताया कि गायरियावास में परिवादी का हवेली नाम से रेस्टोरेंट है। वह वहां बैठा था, जहां सरीन, कमलेश जोशी व शिवलाल उर्फ शिवा रात 11:30 बजे आए और खाना मांगा। रेस्टोरेंट बंद होने की बात पर जातिसूचक गालियां दी। अभिषेक को नर्सिंग केयर सेंटर, सनवाड़ के बाहर दवाई लेने जाते वक्त मोटरसाइकिल पर आए तीनों आरोपियों ने धारदार चाकू से उसके सिर पर वार किया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान पूरा किया और अदालत में आरोप-पत्र पेश किया।
विशिष्ट लोक अभियोजक राजकिशोर ब्रजवासी ने 14 गवाह तथा 18 दस्तावेज पेश किए। पुलिस ने अभियुक्तों का पूर्व सजायाबी रिकॉर्ड भी पेश किया, जिसमें सरीन के विरुद्ध 8 आपराधिक प्रकरण, शिवलाल उर्फ शिवा के विरुद्ध 6 तथा अभियुक्त कमलेश के विरुद्ध एक आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया।
यह सुनाई सजा
न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात आरोपी सरीन पुत्र फारूक मोहम्मद निवासी सनवाड़, शिवलाल उर्फ शिवा पुत्र मांगीलाल निवासी चारभुजा मंदिर के पास सनवाड़ तथा कमलेश पुत्र जगदीश निवासी गायरियावास, को आईपीसी की धारा धारा 341/34, 324/34, 307/34, आयुध अधिनियम की धारा 4/25 तथा एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)(आर)(एस) व 3(2) (वी) के तहत आरोप प्रमाणित पाए जाने पर आजीवन कारावास तथा 1 लाख 30 हजार 500 रुपए के जुर्माने से दंडित किया।
न्यायालय की टिप्पणी
पूर्व के आपराधिक प्रकरणों की संख्या एवं पूर्व सजा के तथ्यों के दृष्टिगत प्रकट होता है कि आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, जो बार-बार अपराध करने के आदी हैं। अभियुक्तगणों में विधि का कोई भय नहीं है। ऐसी स्थिति में उनकी सजा में किसी प्रकार की नरमी बरता जाना न्याय के उद्देश्यों के विपरीत होगा।
Published on:
12 Oct 2023 10:45 pm

बड़ी खबरें
View Allराजसमंद
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
