
police-smuggler encounter in Rajasthan जितेन्द्र पालीवाल @ राजसमंद. अफीम और दूजे मादक पदार्थों की तस्करी के लिए मध्यप्रदेश से राजस्थान की सीमा में घुसकर मारवाड़ तक महफूज तरीके से पहुंचने के लिए तस्करों ने अब कई रास्ते खोल लिए हैं। राजसमंद-मारवाड़ की सीमा पर तीन एन्ट्री गेट हैं, जिनका भरपूर इस्तेमाल होता है। कुछ साल पहले तक ज्यादातर तस्कर एक ही रास्ते को अपनाते थे, मगर हाइटेक होती पुलिस से अब बचने के लिए वे अलग-अलग दिशाओं से घुस रहे हैं।
मंदसौर, नीमच से प्रतापगढ़-चित्तौडग़ढ़ में दाखिल होने के बाद तस्कर कई बार उदयपुर की दिशा में चले जाते हैं और फिर उदयपुर-गोमती का लम्बा रास्ता अख्तियार करते हैं। कुछ तस्कर चित्तौडग़ढ़ से भीलवाड़ा जिले में होकर छोटे-बड़े रास्तों से राजसमंद के भीम ब्लॉक में घुसकर आगे बढ़ते हैं। पहले तस्कर चित्तौडग़ढ़ से कपासन, गिलूण्ड, रेलमगरा, राजसमंद होते हुए केलवा, गोमती, चारभुजा, देसूरी की नाल, नाडोल होते हुए पाली, जोधपुर और आगे चले जाते थे।
- केलवा, दिवेर और भीम थाना इलाकों में मुठभेड़
तस्करों और पुलिस के बीच पिछले एक दशक में केलवा, दिवेर और भीम थाना क्षेत्र में कई मुठभेड़ हुई हैं। तीनों ही थाने उदयपुर-जयपुर हाइवे पर 100 मीटर की दूरी पर ही स्थित हैं। तस्करों के लिए नाकाबंदी और धरपकड़ का जिम्मा मोटे तौर पर इन्हीं थानों पर होता है।
- देसूरी से भीम तक तीन रास्ते
चारभुजा थाना क्षेत्र से पाली की ओर गुजरते रास्ते पर देसूरी की नाल, दिवेर थाना क्षेत्र की सतपालियों की घाटी, देवगढ़ थाना क्षेत्र में कामलीघाट से मारवाड़ की ओर काली घाटी ही प्रमुख रास्ते हैं, जहां से तस्कर पश्चिमी राजस्थान में दाखिल होते हैं। इसके अलावा कई बार भी चित्तौडग़ढ़-भीलवाड़ा से होकर तस्कर भीम से भी मारवाड़ में प्रवेश कर जाते हैं।
- 142 दिन पहले केलवा में हुई थी मुठभेड़
ताजा घटना से 4 माह 19 दिन पहले केलवा थाने के ठीक नजदीक नाकेबंदी के दौरान पुलिस और डोडा चूरा तस्करों के बीच मुठभेड़ हुई थी। पुलिस ने एक केस वैन, एक आल्टो कार जब्त कर 5 लोगों को दबोचा था, जिसमें एक महिला भी शामिल थी। वहां 5 क्विंटल डोडा चूरा बरामद हुआ था। तस्करों ने बचने के लिए पुलिस पर फायर कर दिया था। दोनों ओर से एकाधिक राउण्ड गोलियां चली थीं।
Published on:
18 Oct 2023 12:54 pm

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