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गिलूण्ड में बंद रहे बाजार, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

ध्वज लगाने के लिए रास्ते को लेकर दो पक्षों में विवाद, पुलिस बल तैनात, शाम तक चलता रहा समझाईश का दौर

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रेलमगरा. उपखण्ड क्षेत्र के गिलूण्ड कस्बे में शुक्रवार शाम को निकाले गए मेवाड़ के राजा एकलिंगनाथ भगवान की शोभायात्रा के बाद कुछ श्रद्धालुओं के जगपुरा में बनास नदी स्थित प्राकृतिक समेलिया महादेव शिवालय पर ध्वज चढ़ाने के लिए पहुंचने एवं वहां के कुछ लोगों द्वारा रास्ता रोकने का प्रयास करने पर उपजा विवाद शनिवार को गर्मा गया। मामले को लेकर शनिवार को गिलूण्ड कस्बे के तमाम व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद कर दिए गए एवं मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी।

भगवान एकलिंगनाथ की शोभायात्रा गिलूण्ड में शुक्रवार शाम को निकाली गई थी। देर शाम तक शोभायात्रा के पश्चात कुछ लोग पुलिस जवानों के साथ जगपुरा (कर्मा खेड़ी) में बनास नदी पेटे में स्थित प्राकृतिक समेलिया महादेव शिवालय पर पहुंचे और ध्वज लगाया। शिवालय से लौटने पर जगपुरा के कुछ लोगों ने इन श्रद्धालुओं का रास्ता रोक लिया और किसी अन्य मार्ग से निकलने की बात कही। श्रद्धालुओं के साथ मौजूद पुलिस कर्मियों की समझाईश के बाद श्रद्धालु जगपुरा के रास्ते से ही गिलूण्ड पहुंच गए। रास्ता रोकने वाले लोगों में से एक व्यक्ति शनिवार प्रातः गिलूण्ड बस स्टैण्ड पहुंचा तो मंदिर जाने के लिए रास्ता रोकने की बात को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस पर गिलूण्ड निवासी किसनलाल पुत्र भैरूलाल माली रेलमगरा पुलिस थाने पहुंच गया और प्रकरण दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट दी। इसी दौरान दूसरे पक्ष का व्यक्ति भी पुलिस थाने में पहुंच गया।थाने में दोनों पक्षों के पहुंचने पर पुलिस ने दोनों ही लोगों को थाने में बैठा दिया। प्राथमिकी दर्ज कराने थाने में पहुंचे किसनलाल को पुलिस द्वारा थाने में बैठाने की सूचना कस्बे में लगते ही दर्जनों युवा सड़क पर उतर आए। कुछ देर बाद तक किसनलाल को थाने से नहीं छोड़े जाने पर व्यवसाईयों ने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। इसके बाद प्रदर्शनकारी मुख्य बस स्टैण्ड पर पहुंच गए और चक्काजाम कर दिया। मुख्य सड़क पर भीड़ द्वारा प्रदर्शन किए जाने की सूचना पर अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक शिवलाल बैरवा, नाथद्वारा थाना प्रभारी योगेश चौहान, कुंवारिया थाना अधिकारी ओमसिंह, रेलमगरा थाना अधिकारी प्रवीणसिंह राजपुरोहिज, उपखण्ड अधिकारी सुभाषचंद्र हेमानी, तहसीलदार डॉ. अभिनव शर्मा आदि भारी पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। इन्हाेंने प्रर्दशनकारियों से समझाईश का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी किसनलाल को थाने से छोड़ने की मांग पर अड़ गए। करीब 6 घंटे तक चली समझाईश के बाद भी प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और सड़क से नहीं हटे। इस पर पुलिस अधिकारियों ने किसनलाल को थाने से पाबंद कर रिहा कर दिया।

किसनलाल को भाजपा के जिला अध्यक्ष मानसिंह बारहठ, महेन्द्र कोठारी, उदयलाल अहीर, अनिल चौधरी आदि लेकर गिलूण्ड पहुंचे, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क तो खोल दी, लेकिन जगपुरा स्थित शिवालय पहुंचकर आज ही अभिषेक करने की मांग पर अड़ गए। प्रदर्शनकारियों की भीड़ भोलेनाथ के जैकारे करते जगपुरा के लिए निकल गई, लेकिन आधा किलोमीटर दूर पहुंचने पर ही अधिकारियों ने उनसे समझाईश कर पुनः गिलूण्ड पहुंचाया। हालांकि देर शाम तक माहौल गर्माया रहा, जिसके चलते बस स्टैण्ड पर पुलिस बल भी तैनात रहे। वहीं, भारी तादाद में प्रदर्शनकारी भी नारेबाजी करते रहे।

रेलमगरा थाने में भी पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता

दो पक्षों में हुई कहासुनी के बाद गिलूण्ड में गर्माए माहौल एवं प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए रेलमगरा थाने में पहुंचे किसनलाल को थाने में ही बैठा दिए जाने की घटना के बाद गर्माए माहौल को लेकर भाजपा के जिला एवं मण्डल स्तरीय पदाधिकारी पुलिस थाने में पहुंच गए और एकतरफा कार्यवाही का आरोप लगाया। प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पहुंचने वाले व्यक्ति को जबरन पुलिस थाने में बैठाने का कोई कानून नहीं होने की दुहाई देते हुए किसनलाल को शीघ्र रिहा करने की मांग की। दूसरी और गिलूण्ड में माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने दोनों पक्षों को पाबंद कर रिहा किया।

सरपंच सहित महिलाएं भी बैठी धरने पर

मामले को लेकर गिलूण्ड सरपंच ललिता देवी खेरोदिया भी कुछ महिलाओं के साथ बस स्टैण्ड पहुंचकर मुख्य सड़क पर प्रदर्शनकारियों के साथ बैठ गई और पुलिस कार्यवाही की निंदा की। दूसरी ओर घटना के बाद व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहने एवं सड़क पर चक्का जाम रहने से आमजन के साथ यात्रियों एवं वाहन चालकों को परेशानी सामना करना पड़ा। लंबे समय तक सड़क जाम रहने से सड़क के दोनो ओर वाहनों की लंबी कतारे लग गई।