
राजसमंद. नाथद्वारा नगर पालिका की सीमाओं के विस्तार के लिए आसपास की ग्राम पंचायतों के 10 राजस्व गांवों को जोड़ने का फैसला सरकार ने पलट दिया है। सरकार ने गांवों को जोड़ने की जो अधिसूचना जारी की थी, वह वापस ले ली है। गौरतलब है कि सरकार के इस निर्णय पर ग्रामीणों ने भारी विरोध जताया था। ऐसे में सरकार के अधिसूचना वापस लेने के फैसले को लोग अब अपनी जीत के रूप में देख रहे हैं। स्वायत्त शासन विभाग जयपुर के निदेशक एवं विशिष्ट शासन सचिव इंद्रजीत सिंह ने सोमवार को एक अधिसूचना जारी की है। 24 मार्च 2025 को जारी अधिसूचना आदेश में लिखा है कि नाथद्वारा पालिका की वर्तमान सीमा में नवीन क्षेत्र सम्मिलित किए जाने के लिए 28 जनवरी 2025 को जारी की गई अधिसूचना को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से प्रत्याहारित (वापस लिया गया) कर दिया है।
राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने 28 जनवरी 2025 को अधिसूचना जारी कर नाथद्वारा नगर पालिका के आसपास की ग्राम पंचायतों के राजस्व गांव उपली ओडन, निचली ओडन, गोपा कुआं, गुंजोल, कुंचौली, जोशियों की मादड़ी, पानेरियों की मादड़ी, मोड़वा, राबचा व डिंगेला को ग्राम पंचायतों से अलग कर पालिका में जोड़ने का फैसला किया था।
उपलीओडन के लोगों ने 2 फरवरी को नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ के सामने विरोध दर्ज कराया था। गुंजोल के ग्रामीणों ने भी विरोध के स्वर उठाए।
ग्रामीणों ने राज्यपाल के नाम सहायक कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों की परेशानियों से अवगत कराया।
फैसले से नाराज लोगों ने शहर में रैली निकाली। उपखंड व पालिका कार्यालयों पर धरने दिए। एसडीएम व आयुक्त के समक्ष अपनी बात रखी व ज्ञापन भी सौंपे।
नाथद्वारा पालिका में आसपास के 10 राजस्व गांवों को जोड़ने की अधिसूचना के विरोध की बात विधायक मेवाड़ ने स्वायत्त शासन एवं आवासन विभाग के मंत्री को पत्र लिखकर आपत्ति जताई।
मामले ने जोरदार तूल पकड़ा। एसडीएम कार्यालय के बाहर लोेगों ने प्रदर्शन किया। इसको देखते हुए एसडीएम ने हाथों-हाथ मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करवाई और कलक्टर को भेजी। कलक्टर ने रिपोर्ट राज्य सरकार को अग्रेषित कर दी। इधर, पालिका आयुक्त ने भी स्वायत्त शासन विभाग को पत्र भेजा। मामले में एसडीएम ने आयुक्त को नोटिस जारी कर मामले में स्पष्टीकरण मांगा।
स्वायत्त शासन विभाग द्वारा पालिका की सीमा में गांवों को शामिल करने की अधिसूचना प्रत्याहारित करने पर मंगलवार को ग्रामीणों ने हर्ष जताया और शहर के बस स्टैंड पर ग्रामीणों ने आतिशबाजी कर एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। गांव बचाओ संघर्ष समिति ने बताया कि विभाग ने बिना ग्रामीणों की सहमति और जानकारी खमनोर व देलवाड़ा पंचायत समिति की 6 ग्राम पंचायतों के 10 राजस्व गांव को शामिल करने की अधिसूचना जारी की थी।
Updated on:
26 Mar 2025 04:25 pm
Published on:
26 Mar 2025 04:22 pm
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