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वीडियो कोच में बैठे यात्री को खिड़की से गर्दन निकालना पड़ा भारी, पिकअप की टक्कर से दर्दनाक मौत

जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र के कामलीघाट चौराहे पर रविवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया।

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Road Accident News

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राजसमंद. जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र के कामलीघाट चौराहे पर रविवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। अहमदाबाद जा रही एक वीडियो कोच बस में खिड़की से गर्दन बाहर निकालकर बैठे एक यात्री की सड़क से गुजरती तेज रफ्तार पिकअप की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान गुजरात के अहमदाबाद शहर के अमराईवाड़ी निवासी 56 वर्षीय प्रकाशभाई कांतिलाल भाखरिया के रूप में हुई है। वे पेशे से एक फोटोग्राफर थे और राजस्थान के भीम में एक परिचित के निधन पर शोक जताने आए थे।

हादसे की पूरी कहानी

यह भीषण दुर्घटना रविवार रात करीब 9 बजे हुई, जब एक वीडियो कोच बस भीम से अहमदाबाद की ओर रवाना हो रही थी। बस के चालक दूदसिंह रावत, निवासी कालादेह, भीम ने देवगढ़ पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया कि वह यात्रियों को लेकर देवगढ़ से होते हुए अहमदाबाद की ओर जा रहा था। जैसे ही बस कामलीघाट चौराहे से हाइवे पर चढ़ी, सामने से दिवेर की ओर से तेज गति से आती एक पिकअप अचानक बस के बिल्कुल सामने आ गई। इस क्षेत्र में फोरलेन निर्माण कार्य के चलते एक लेन बंद थी और दोनों ओर का ट्रैफिक एक ही संकरे मार्ग से गुजर रहा था। इसी कारण आमने-सामने आ रहे वाहनों को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा था।

बस चालक ने पिकअप को टक्कर से बचाने की कोशिश की, लेकिन फिर भी पिकअप बस की खलासी साइड (लेफ्ट साइड) से रगड़ती हुई निकल गई। उसी समय बस में तीसरी खिड़की पर बैठा एक यात्री प्रकाशभाई अपनी गर्दन खिड़की से बाहर निकाले हुए था। तेज गति से पास से गुजरती पिकअप से उसकी गर्दन सीधी चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि यात्री के सिर और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने घायल को तुरंत देवगढ़ अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हादसे के बाद क्या हुआ?

घटना की सूचना मिलते ही देवगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और मौका मुआयना कर शव को अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। हैड कांस्टेबल बाबूसिंह और कांस्टेबल आनंद गुर्जर की मौजूदगी में सोमवार सुबह मृतक का पोस्टमार्टम करवाया गया।पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद मृतक का पुत्र यश भाखरिया और अन्य परिजन अहमदाबाद से देवगढ़ पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

पिकअप चालक मौके से फरार

हादसे के तुरंत बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया। बस चालक दूदसिंह रावत की रिपोर्ट पर देवगढ़ थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और पिकअप चालक की तलाश की जा रही है।

मृतक के बेटे ने बताया...मृतक के बेटे यश ने बताया कि उनके पिता प्रकाशभाई भाखरिया एक फोटोग्राफर थे और राजस्थान के भीम में एक परिचित के यहां शोक प्रकट करने आए थे। दो दिन पहले भीम पहुंचे प्रकाशभाई रविवार को ही वापसी के लिए निकले थे। वे रात की बस से अहमदाबाद लौट रहे थे।

दुर्घटना का प्रमुख कारण: सड़क का संकरापन और फोरलेन कार्य

जानकारी के अनुसार कामलीघाट पुलिया से नीचे उतरते ही फोरलेन का एक हिस्सा सड़क कार्य के कारण बंद कर रखा गया था। ऐसे में दोनों ओर के वाहन एक ही लेन से आवाजाही कर रहे थे। यह मार्ग काफी संकीर्ण है, जिससे भारी वाहनों का आमने-सामने निकलना जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय लोग और वाहन चालक पहले से इस समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं कि एक ही लेन पर ट्रैफिक चलने से हादसे की आशंका बनी रहती है। लेकिन अब इस दुर्घटना ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है।

सवाल उठाता हादसा

इस दुर्घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • जब फोरलेन का एक हिस्सा बंद था, तो यातायात को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस या सिग्नल सिस्टम क्यों नहीं लगाया गया?
  • वीडियो कोच जैसी बड़ी बसों में खिड़कियां इस तरह खुली क्यों होती हैं, जिससे यात्री गर्दन निकाल सकते हैं?
  • पिकअप जैसे छोटे वाहन इस तरह बिना नियंत्रण और तेज रफ्तार से कैसे चलाए जा रहे हैं?

प्रशासन की चुप्पी

अब तक सड़क विभाग या राजमार्ग निर्माण एजेंसी की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। न ही कामलीघाट चौराहे के पास सुरक्षा संकेतक या रूट डायवर्जन के बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे ड्राइवरों को सतर्क किया जा सके।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कामलीघाट क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से निर्माण कार्य जारी है और कोई स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग मौन हैं।