
राजसमंद. दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्ट्रीट वेडर्स को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता था, लेकिन योजना में बदलाव के चलते पोर्टल जनवरी से बंद पड़ा है। इसके कारण स्ट्रीट वेडर्स को ऋण नहीं मिल पा रहा है। दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) में शहरी गरीबों को सशक्त आधारभूत स्तर की संस्थाओं को संगठित करने, कौशल विकास के लिए अवसर सृजित करने पर जोर दिया जाता है। इसमें स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने सहित प्रशिक्षण आदि दिलाया जाता है। जानकारों के अनुसार सरकार ने उक्त योजना को पिछले साल के अंत में बंद कर दिया। पीएम स्वनिधि के तहत स्ट्रीट वेडर्स को भी ऋण आदि उपलब्ध कराया जाता था, वह पोर्टल भी जनवरी माह से बंद पड़ा है। हालांकि सरकार ने दीनदयाल अंत्योदय जन आजीविका मिशन योजना 2.0 के नाम से लॉच की है। उक्त योजना में कुछ बदलाव भी किए गए हैं। लेकिन इसके बावजूद पोर्टल आदि चालू नहीं होने के कारण आमजन को परेशानी हो रही है। स्ट्रीट वेडर्स लोन आदि के लिए नगर परिषद के चक्कर लगा रहे हैं।
पीएम स्वनिधि स्ट्रीट वेडर्स के तहत पंजीकृत स्ट्रीट वेडर्स को स्वरोजगार के लिए राष्ट्रीय बैंक से 10 हजार रुपए का ऋण उपलब्ध कराया जाता था। उसकी किश्त पूरी होने पर उसे 20 और फिर 50 हजार तक ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वह अपना स्वरोजगार चला सके। नगर परिषद क्षेत्र में 870 स्ट्रीट वेडर्स 10-10 रुपए का लोन ले चुके हैं, जबकि 20 हजार का लोन 200 से अधिक और 50 हजार लोन 8-10 स्ट्रीट वेडर्स ले चुके हैं। ऐसे में जिनका लोन 10 हजार का पूरा हो गया है, वह 20 हजार का लोन लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
दीनदयाल जन आजीविका योजना शहरी फेज 2 लॉंच की गई है। इसे अभी कुछ शहरों में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ की गई है। इसमें अपना शहर अभी नहीं है। मेरे पास लोन आदि के लिए कोई नहीं आया।
Published on:
06 Apr 2025 10:34 am
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