
राजसमंद के श्री बाल कृष्ण सीनियर सैकण्डरी स्कूल की क्षतिग्रस्त छत
हिमांशु धवल@ राजसमंद. कांकरोली स्थित श्रीबाल कृष्ण विद्या भवन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के कमरे की छतों में दिखाई देते सरिए और गिरता प्लास्टर हादसे को न्यौता दे रहे है। कमरों की कमी के कारण स्कूल प्रशासन को उनका उपयोग लेना मजबूरी बन गया है। इससे हमेशा हादसे का अंदेशा बना रहता है। अनहोनी की आंशका के चलते स्कूल प्रशासन ने विद्यार्थियों को पीछे बनी नई बिल्ंिडग में शिफ्ट कर दिया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग भी स्कूल को तोड़कर पुन: निर्माण की सिफारिश कर चुका है। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
शहर के कांकरोली स्थित सेठ हरजीवनदास पुरुषोत्तमदास श्रीबाल कृष्ण विद्या भवन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन के बाहर एक शिलालेख लगा हुआ है। इसके अनुसार 1937 में स्कूल का भवन होने की बात सामने आई है। स्कूल भवन को बने 85 वर्ष से अधिक होने के कारण स्कूल भवन जगह-जगह से जर्जर हो गया है। जानकारों की मानें तो स्कूल की दीवारे दो से ढ़ाई फीट चौड़ी है, लेकिन छत कमजोर होने के कारण स्थिति खराब हो गई है। पिछले चार-पांच सालों से स्कूल भवन के पुराने कमरों की छतों के सरिए दिखाई दे रहे हैं। उसका प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है। ऐसे में स्कूल में अध्ययनरत बालक-बालिकाओं को पीछे बनी नई बिल्ंिडग में शिफ्ट कर दिया गया है। पुरानी बिल्डिंग को प्रधानाचार्य कक्ष, स्टाफ रूम, स्पोट्स रूम आदि के कार्य में लिया जा रहा है। बारिश के समय तो कमरों में पानी की धार गिरती रहती है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन इस ओर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझ रहा है।
स्कूल में 900 बच्चे अध्यनरत
स्कूल में 12 बड़े-बड़े कमरे बने हुए हैं। इन सबकी हालत खराब है। स्कूल के कार्यालय संबंधी कार्य पुराने भवन में होता है। स्कूल में 900 के करीब छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। प्रतियोगी परीक्षाओं का सेंटर भी आता है। यहीं से उनकी आवाजाही होती है। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी भी आते है, लेकिन कोई भी स्कूल भवन पर ध्यान नहीं दे रहा है।
सार्वजनिक विभाग ने भी माना तोड़कर नया बने भवन
सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से 23 अगस्त 2021 को दी रिपोर्ट में बताया कि भवन की दीवारें और छत पुरानी होकर कई स्थानों से क्षतिग्रस्त है। उसकी मरम्मत करना उचित नहीं है। पुराने भवन को गिराकर पुन: निर्माण करवाया जाना उचित होगा। इसकी अनुमानित लागत 346.10 लाख रुपए आने की उम्मीद है। विभाग ने इसका तकनीमा भी तैयार कर भेजा था।
पुराने स्कूल भवन की हालत खस्ता
स्कूल भवन सौ साल से ज्यादा पुराना होने के कारण जर्जर हो गया है। छत की स्थिति सर्वाधिक खराब है। सार्वजनिक निर्माण विभाग भी भवन को जर्जर बता चुका है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। हालांकि इसकी दीवारें बहुत मजबूत है, लेकिन छत की स्थिति बहुत खराब है।
- कैलाशचंद बोल्या, एसडीएमसी सदस्य बाल कृष्ण स्कूल कांकरोली
स्कूल के बच्चों को नई बिल्डिंग में किया शिफ्ट
स्कूल में बच्चों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया है। पुरानी बिल्ंिडग में सिर्फ प्रधानाचार्य कक्ष, स्टाफ रूम, स्पोट्स रूम आदि रखे हैं। छत से चूना गिरता रहता है। बारिश में स्थिति खराब हो जाती है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है।
- प्रमोद पालीवाल, प्रधानाचार्य श्री बाल कृष्ण सीनियर सैकण्डरी स्कूल कांकरोली
Published on:
13 May 2022 03:23 pm
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