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राजस्थान के इस हॉस्पिटल में मरीजों की लग रही कतारें, सर्वाधिक मरीज आ रहे इस रोग से पीडि़त

प्रदेश में बदलते मौसम के कारण घर-घर में सर्दी जुकाम और बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। इसके कारण चिकित्सालय में रोगियों की कतारें लगी हुई है। सर्वाधिक एलर्जी खांसी से पीडि़त रोगी चिकित्सालय पहुंच रहे हैं।

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राजसमंद. बदलते मौसम के कारण मौसमी बीमारियों से ग्रस्त रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सालय में मरीजों की कतारें लगी रहती है। सर्वाधिक रोगी एलर्जी खांसी के पहुंच रहे हैं। यह खांसी ठीक होने में भी काफी समय ले रही है। चिकित्सालय का आउटडोर भी 1500-1600 के पार पहुंचने लगा है। जिला मुख्यालय स्थित आर.के.राजकीय चिकित्सालय में पिछले कुछ दिनों से रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण पिछले कुछ दिनों से लगातार हो मौसम बदलाव को माना जा रहा है। अलसुबह मौसम ठंडा रहता है, इसके बाद दिनभर तेज धूप खिल रही है। ऐसे में लापरवाही के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। इसमें सर्वाधिक सर्दी-जुकाम और बुखार रोग से पीडि़त हो रहे हैं। इसके साथ ही मौसम परिवर्तन के कारण एलर्जी खांसी के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसमें रोगी की खांसी जल्दी ठीक नहीं होती है। इसके साथ की सर्दी-जुकाम और बुखार के रोगियों को ठीक होने में भी चार से पांच दिन लग रहे हैं। स्थिति यह है कि चिकित्सालय में चिकित्सकों के पहुंचने से पहले ही रोगियों की लाइनें लग जाती है, जो दोपहर तक लगी रहती है। इनके अलावा निजी चिकित्सालयों में उपचार कराने वाले रोगियों की संख्या अलग से है।

हर जगह लगानी पड़ती है लाईनें

चिकित्सालय में जाने वाली रोगियों को सर्वाधिक परेशानी लाईनों के कारण होती है। रोगियों को रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन लगानी पड़ती है। इसके बाद चिकित्सकों को जांच कराने के लिए, चिकित्सक के जांच लिखने पर उसके लिए लाइन और फिर रिपोर्ट लेने के लिए लाइन लगानी पड़ती है। हालांकि चिकित्सालय प्रशासन की ओर से बैठने के लिए कुर्सियां आदि लगा रखी है, लेकिन रोगियों की संख्या के कारण वह कई बार नाकाफी साबित होती है। इसके कारण रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बजट घोषणा में चिकित्सालय में 50 बेड बढ़ाए

राज्य सरकार की ओर से बजट में आर.के.राजकीय चिकित्सालय में 50 बेड बढ़ाने की घोषणा की है। चिकित्सालय में पहले 150 बेड थे, लेकिन अब जल्द ही 200 बेड हो जाएंगे। रोगियों को तो फायदा मिलेगा साथ ही सुविधाओं में विस्तार होगा। लेकिन चिकित्सालय में चिकित्सकों के पद रिक्त होने के कारण काफी परेशानी होती है। 50 बेड और बढऩे से चिकित्सकों की संख्या बढऩे की उम्मीद है। इसी प्रकार चिकित्सालय में कॉडियोलॉजी यूनिट की घोषणा की गई है। इससे ह्वदय रोगियों को फायदा होगा। रोगियों को उपचार के लिए उदयपुर और अहमदाबाद जाना पड़ता था।

मौसमी बीमारियों के रोगी बढ़े, 50 बेड बढ़ेंगे

पिछले कुछ दिनों मौसमी बीमारी से ग्रस्त रोगियों की संख्या बढ़ रही है। एलर्जी खांसी के रोगी भी बढ़ रहे हैं। बजट घोषणा में 50 बेड बढ़ेंगे। इससे सुविधाओं में विस्तार होगा और रोगियों को भी फायदा मिलेगा।

  • डॉ. रमेश रजक, पीएमओ, आर.के.राजकीय चिकित्सालय राजसमंद

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