30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Congress-BJP leaders: कांग्रेस-भाजपा नेता बैठक में हुए आमने-सामने

Congress-BJP leaders meet face to face in the meeting: निलंबित जिला पंचायज उपाध्यक्ष धाकड़ सामान्य सभा में पहुंचे, भाजपा ने जताई आपत्तिस
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रतलाम

•

image

Sourabh Pathak

•

Updated: 30 Aug 2019, 12:34 PM IST

Ex-ministers to give 10 thousand daily

Congress-BJP

रतलाम। जिला पंचायत परिसीमन से पहले गुरुवार को सामान्य सभा की बैठक में निलंबित जिला पंचायत उपाध्यक्ष व कांग्रेस नेता डीपी धाकड़ अचानक पहुंंच गए। भाजपा ने इस पर कड़ी आपत्ति जाताई। भाजपा ने धाकड़ को सजायाफ्ता बताकर इसे न्यायालय की अवमानना करार दिया है। भाजपा ने सीईओ के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने के लिए कमिश्नर उज्जैन को पत्र लिखा है। वहीं, जिला पंचायत सीईओ ने भी धाकड़ की बहाली समाप्त होने के संबंध में पत्र लिखकर शासन से जानकारी मांगी है।

90 दिन में शासन से अनुमोदन नहीं
बैठक के बाद धाकड़ ने बताया कि उनके निलंबन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी नहीं होने से वे स्वत: बहाल हुए है। उन्हें 22 को निलंबित कर 23 को नोटिस दिया गया था, जो कि नियमों के विपरीत था। पहले उन्हे नोटिस दिया जाना था और फिर निलंबन की प्रक्रिया होना थी। वहीं जिन धाराओं के तहत उनका निलंबन हुआ था, उसके चलते सुनवाई के लिए राज्य शासन से कार्रवाई के लिए अनुमोदन लेना था, जिसके लिए 90 दिन की समय सीमा होती है लेकिन ये समय २० अगस्त को पूरा हो गया, कार्रवाई का अनुमोदन नहीं होने से वे स्वत: बहाल हो गए। इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनिया और रतलाम ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना ने आपत्ति ली है। साथ ही संभागायुक्त को सीईओ पर कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखा है।

ये है मामला
जिला पंचायत उपाध्यक्ष डीपी धाकड़ और उसके छोटे भाई के खिलाफ महापौर डॉ. सुनीता यार्दे के परिवार ने औद्योगिक क्षेत्र थाने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। इस मामले में कोर्ट ने धाकड़ और उसके भाई को दस-दस साल कारावास की सजा सुनाई। धाकड़ ने ट्रैक्टर का फर्जी बेचीनामा बनाकर फोरलेन कंपनी में किराए पर चलाया दिया था। जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने मार्च में सजा सुनाई थी, उसके बाद जिला पंचायत के प्रस्ताव पर कमिश्नर ने उसे उपाध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया था।

शासन से मांगी जानकारी
बैठक में धाकड़ मौजूद थे, इस संबंध में हमने शासन को पत्र लिखकर उनकी बहाली संबंधी जानकारी मांगी है, शासन के मार्गदर्शन के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
- संदीप केरकट्टा, सीईओ जिला पंचायत रतलाम


सजायाफ्ता है धाकड़
धाड़क को न्यायालय नेे 10 साल की सजा सुनाई है, संभागायुक्त उन्हें निलंबित कर चुके है, फिर सीईओ ने उनको कैसे बैठक में शामिल होने दिया है, सीईओ पर कार्रवाई होना चाहिए।
- राजेन्द्रसिंह लुनिया, जिलाध्यक्ष भाजपामंत्री को लिखा पत्र


सीईओ ने प्रशासन के आदेश व न्यायालय के आदेश की अवमानना की है, इस संबंध में केन्द्रीय मंत्री सहित सांसद, विधायक एवं अन्य को पत्र लिखकर जानकारी दी गई है।
- दिलीप मकवाना, विधायक रतलाम ग्रामीण