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किसान उन्नति कार्यक्रम के जरिए जौ किसान बन रहे है समृद्ध

श्रीगंगानगर क्षेत्र के जौ किसानों के लिए सहभागिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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किसान उन्नति कार्यक्रम के जरिये जौ किसान बन रहे है समृद्ध

किसान उन्नति कार्यक्रम के जरिये जौ किसान बन रहे है समृद्ध

श्रीगंगानगर क्षेत्र के जौ किसानों के लिए सहभागिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह में 250 से अधिक किसानों ने भाग लिया। इसमें किसानों की जीवन यात्रा और उनकी सफल कहानियों की सराहना की गई। इसके अलावा, उन्हें जौ की खेती से जुड़ी ताजा महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गई। इस सहभागिता कार्यक्रम के अंतर्गत यह सुनिश्चित किया जाता है कि किसानों को अच्छी क्वालिटी के बीज मिल सके, इसके लिए कंपनी कर्मचारियों की ओर से उन्हें उचित कृषि परामर्श भी लगातार दिया जा रहा है। इसके साथ ही, कंपनी किसानों की ओर से उगाई जाने वाली जौ को खरीदते हुए यह भी सुनिश्चित करती है कि उन्हें बाजार से अधिक कीमत मिल सके।

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दो पंक्ति वाला जौ खेती मॉडल संचालित

यूबीएल के नेतृत्व में भारत में 2 पंक्ति वाले जौ का खेती मॉडल संचालित किया जाता है, जो स्थानीय उत्पादकों से कच्चा माल खरीद कर उनकी मदद करता हैं। श्रीगंगानगर में कंपनी की ओर से खेती मॉडल पिछले दो दशकों से चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य गुणवत्ता, उत्पादकता बढ़ाना, उचित लागत सुनिश्चित करना और दीर्घकालिक स्थायित्व कायम रखना है। स्थानीय किसानों से जौ की खरीदारी कर, किसान समुदाय के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को प्राथमिकता देना और उपभोक्ताओं के बीच उत्पादों के जिम्मेदारी पूर्वक सेवन को बढ़ावा देना है।

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पैदावार की बर्बादी प्रभावी तरीके कम की जाए

किसान उन्नति कार्यक्रम का उद्देश्य जौ उत्पादन को कंपनी के उत्पादों की बिक्री के अनुकूल बनाना है, जिससे फसल कटाई के बाद पैदावार की बर्बादी प्रभावी तरीके से कम की जा सके। कंपनी उपज को बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से बीज और फर्टिलाइजर का उपयोग करवाती है और साथ ही, सही समय पर फसल कटाई करवाते हैं। वित्त वर्ष 2022-23 में करीब 30 प्रतिशत जौ की जरूरत सहभागी खेती गतिविधियों से पूरी हुई है, जबकि बाकी जरूरत के लिए स्थानीय किसानों से खरीदारी की गई। हमारे मॉडल के तहत भूमि की उपजाऊ क्षमता कमजोर होने से रोकने और उसकी गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। इस तरह स्थाई कृषि पद्धतियों के प्रति हमारे समर्पण की पुष्टि होती है। कंपनी की ओर से वर्तमान में राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में जौ की सहभागी खेती कार्यक्रम चलाए जाते है और कंपनी के पास करीबन 8000 किसानों और 75,000 एकड़ भूमि में सहभागिता खेती का मजबूत आधार है।