
भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र: प्रदूषित पानी का होगा उपयोग, जुलाई अंत तक सीईटीपी प्लांट
भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों से भिवाड़ी में तैयार करवाये गए कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) से प्राथमिकता से कनेक्शन करावें, ताकि औद्योगिक क्षेत्र में काम आए प्रदूषित पानी की एक एक बूंद का सदुपयोग किया जा सके। भिवाड़ी के सीईटीपी प्लांट को जुलाई के अंत तक शुरू कर दिया जाएगा। इस प्लांट का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। बरसात से पहले कनेक्शन होने के साथ ही प्लांट का अधिकांश कार्य पूरा होने से बरसात की एक एक बूंद का संग्रहण भी किया जा सकेगा। इस सीईटीपी प्लांट के शुरु होने से भिवाड़ी में औद्योगिक उपयोग के कारण प्रदूषित जल की समस्या का समाधान हो सकेगा और प्रदूषित जल का शोधन कर उपयोग में लिया जा सकेगा।
एक—एक बूंद का उपचारित कर उपयोग में लेंगे
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम, उद्योग एवं एमएसएमई वीनू गुप्ता ने बताया कि औद्योगिक गतिविधियों के कारण प्रदूषित जल को उपचारित कर उस पानी का अन्य कार्यों में पुर्नउपयोग करने के लिए 174 करोड़ रुपए की लागत से सीईटीपी प्लांट तैयार करवाया गया है। सीईटीपी प्लांट का काम लगभग पूरा हो गया है और परीक्षण में सफल रहा है। यह प्लांट 6.0 एमएलडी के साथ ही जीरो लिक्विड डिसचार्ज स्तर का बनाया गया है, जिससे इस प्लांट में आने वाली पानी की एक एक बूंद का उपचारित कर उपयोग किया जा सकेगा।
प्रदूषित पानी को रिसाइकिल किया जाएगा
भिवाड़ी में आधुनिकतम तकनीक का जेडएलडी सीईटीपी प्लांट बनाया गया है। इससे प्रदूषित पानी का संग्रहण कर उसे शोधित कर रिसाइकिल किया जा सकेगा। सीईटीपी के लिए पाइप लाइन बिछाने के बाद 31 किमी क्षेत्र में बीटी रोड, 15.5 किमी क्षेत्र में पेचवर्क, 5 किमी में सीसी रोड और 6.5 किमी में हाल्फ बिड्थ का कार्य भी लगभग पूरा होने में हैं। इसके साथ ही बिछाई गई पाइप लाइन मेें पानी के प्रवाह के साथ ही अन्य कार्यों का भी परीक्षण कर लिया गया है।
Published on:
21 Jun 2023 09:56 am
बड़ी खबरें
View Allउद्योग जगत
कारोबार
ट्रेंडिंग
