ऑनलाइन गेमिंग को कैसिनो और हॉर्स रेसिंग जैसा मानते हुए इस पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने का विरोध शुरू हो गया है। इस फैसले से निराश राजस्थान के ऑनलाइन गेमर्स इस फैसले को वापस लेने की मांग के साथ ‘इंडियन गेमर्स यूनाइटेड’ के बैनर तले अन्य शहरों के गेमर्स के साथ एकजुट हुए हैं। गेमर्स ने कहा कि भारत में युवाओं के बीच ऑनलाइन गेमिंग तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। यहां युवा अपने खाली समय में अपनी गेमिंग स्किल के माध्यम से कमाते हैं और गिग इकोनॉमी का हिस्सा बनते हैं। अब 28 प्रतिशत की अव्यावहारिक जीएसटी की दर से ऑनलाइन गेमिंग की इंडस्ट्री असमय ही खत्म हो जाएगी और ऑनलाइन गेमर्स के सामने कोई विकल्प नहीं रह जाएगा।
11 जुलाई, 2023 को जीएसटी काउंसिल की 50वीं बैठक में ऑनलाइन गेमिंग को कैसिनो एवं हॉर्स रेसिंग की तरह ही मानते हुए कुल फेस वैल्यू पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी का प्रस्ताव रखा गया। नई व्यवस्था में ऑनलाइन गेमिंग में एंट्री फीस समेत पूरी कंसिडरेशन वैल्यू पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी वसूली जाएगी। इस फैसले ने सभी ऑनलाइन खेलों को एक श्रेणी में रखते हुए गेम्स ऑफ स्किल और गेम्स ऑफ चांस के बीच के अंतर को ही खत्म कर दिया है। यह ऑनलाइन गेमिंग पर टैक्स की मौजूदा व्यवस्था के विपरीत है।