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ज्योतिष: अगर करेंगे ये काम तो उच्च ग्रह भी देने लगेंगे अशुभ परिणाम, रहें सावधान!

उच्च ग्रह शुभ परिणाम देता है तो वहीं नीच ग्रह अशुभ परिणाम देता है। लेकिन कई परिस्थिति में उच्च ग्रह भी नीच का फल देने लगता है। जानिए क्या है इसके कारण।
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नई दिल्ली

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Laveena Sharma

•

Updated: 25 May 2022, 1:36 PM IST

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ज्योतिष: अगर करेंगे ये काम तो उच्च ग्रह भी देने लगेंगे अशुभ परिणाम, रहें सावधान!

ग्रहों का हमारे जीवन में खास महत्व होता है। क्योंकि सभी ग्रह हमारे जीवन को किसी न किसी रूप से प्रभावित करते हैं। हर कुंडली में कोई न कोई ग्रह उच्च होता है तो कोई नीच ग्रह होता है। सरल भाषा में समझें तो जब कोई ग्रह मजबूत और शक्तिशाली होता है तो वो उच्च ग्रह माना जाता है और जब कोई ग्रह निर्बल होता है तो वो नीच का कहलाता है। उच्च ग्रह शुभ परिणाम देता है तो वहीं नीच ग्रह अशुभ परिणाम देता है। लेकिन कई परिस्थिति में उच्च ग्रह भी नीच का फल देने लगता है। जानिए क्या है इसके कारण।

कौन सा ग्रह किस भाव में उच्च का होता है:
-सूर्य ग्रह लग्न यानी प्रथम भाव में उच्च का होता है।
-चंद्र ग्रह द्वितीय भाव में उच्च का होता है।
-राहु ग्रह तृतीय भाव में उच्च का होता है।
-गुरु ग्रह चतुर्थ भाव में उच्च का होता है।
-बुध ग्रह छठे भाव में उच्च का होता है।
-शनि ग्रह सप्तम भाव में उच्च का होता है।
-केतु ग्रह नवम भाव में उच्च का होता है।
-मंगल ग्रह दशम भाव में उच्च का होता है।
-शुक्र ग्रह द्वादश भाव में उच्च का होता है।

जानें किन परिस्थिति में उच्च ग्रह देने लगते हैं नीच का फल:
सूर्य ग्रह- जो जातक अनाचारी, अत्याचारी या गैरकानूनी चीजों में लिप्त रहता है, कार्यक्षेत्र में उच्च अधिकारियों से गलत व्यवहार करता है, पिता या पिता तुल्य व्यक्तियों से दुर्व्यवहार करता है उसकी कुंडली में उच्च का सूर्य भी उसे नीच का फल देने लगता है।

चंद्र ग्रह: जो व्यक्ति अपनी मां, नानी या दादी का सम्मान नहीं करता उसकी कुंडली में उच्च का चंद्र भी नीच का फल देने लगता है। जिससे जीवन में तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

मंगल ग्रह: जिन लोगों की कुंडली में ये ग्रह उच्च स्थिति में होता है और यदि वो अपने मित्र, भाई या भाई के समान लोगों के साथ गलत व्यवहार करते हैं या उन्हें धोखा देते हैं। तो उच्च का मंगल भी उन्हें नीच का फल देने लगता है।

बुध ग्रह: जिन लोगों की कुंडली में ये ग्रह उच्च का होता है और अगर वो किसी महिला, अपने शिक्षक, गुरुजन और गौ माता का अपमान करते हैं या उन्हें कष्ट देते हैं उन्हें जीवन में तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

गुरु ग्रह: जिनकी कुंडली में बृहस्पति उच्च के होते हैं और वो व्यक्ति यदि किसी ब्राह्मण, देवी-देवता, घर के बड़े सदस्यों आदि का निरादर या अपमान करता है तो उन्हें उच्च बृहस्पति भी नीच का फल देने लगते हैं।

शुक्र ग्रह: जिनकी कुंडली में शुक्र उच्च का होता है और वो यदि किसी गाय को सताते हैं या फिर किसी महिला का अपमान करते हैं तो उन्हें उच्च के शुक्र भी नीच फल देने लगते हैं।

शनि ग्रह: जिनकी कुंडली में शनि उच्च के होते हैं और वो व्यक्ति यदि मांसाहार व शराब का सेवन करे, कुत्तों को परेशान करे, घर के बड़े पुरुष का अनादर करें या कार्यस्थल पर कामचोरी करे तो उसे उच्च के शनि भी नीच का फल देने लगता है।
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(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।)