17 से सावन, इस बार पड़ेंगे चार सोमवारी, जानें कब है शिवरात्रि

shravani 2019 : इस बार कई संयोगों से युक्त होगा सावन, 9 दिन रहेगा सर्वार्थ सिद्धि योग। रवि योग और अमृत सिद्धि भी इस माह में रहेंगे विद्यमान

By: Devendra Kashyap

Updated: 07 Jul 2019, 12:21 PM IST

सावन माह ( month of sawan ) की शुरुआत 17 जुलाई से हो रही है। शिव ( Lord Shiva ) आराधना के लिए विशेष शुभ माने जाने वाले इस माह में बनने वाले कुछ और विशेष संयोग इसे खास बना देंगे। इस बार सावन मास में सोम प्रदोष, अमृत और सर्वार्थ सिद्धि का विशेष योग बन रहा है। इस सावन मास में चार सोमवार पड़ रहे है जबकि 30 जुलाई को सवान मास ( shravani ) की शिवरात्रि मनाई जाएगी।

मान्यता है कि सावन मास में भगवान शिव की विधि विधान से पूजा-पाठ करने से हर मनोकामना पूर्ण होती है। 17 जुलाई से शुरू होकर 15 अगस्त ( रक्षाबंधन ) को सावन मास का समापन होगा।

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माना जाता है कि सावन माह भगवान भोलेनाथ को विशेष प्रिय है। कहा जाता है कि देवशयन के बाद भगवान विष्णु चार माह तक क्षीर सागर में विश्राम करते हैं और सृष्टि की बागडोर भोलेनाथ संभालते हैं। सावन माह में भोलनेथा प्रकृति के सौंदर्य को निहारते है और विद्यमान रहते हैं। यही कारण है कि सावन में भोलेनाथ की विशेष पूजा की जाती है।

सावन मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना गया है। दीर्ध आयु और सुख समृद्धि के लिए ऊँ नम: शिवाय, शिव चालिसा और शिव स्तोत्र का जाप करना चाहिए। मान्यता है कि जिन लड़कियों की विवाह में विलंब हो रहा है, उन्हें सावन के पहले सोमवार से 16 सोमवार तक व्रत करना चाहिए। ऐसा करने से मनोवांछित वर की प्राप्ति होती है।

सावन मास में पड़ने वाले व्रत-त्यौहार

  1. पहला सोमवार : 22 जुलाई
  2. दूसरा सोमवार : 29 जुलाई
  3. तीसरा सोमवार : 5 अगस्त
  4. चौथा सोमवार : 12 अगस्त
  5. नागपंचमी : 22 जुलाई
  6. कामद एकादशी : 28 जुलाई
  7. शिवरात्रि : 30 जुलाई
  8. रक्षाबंधन और सावन पूर्णिमा : 15 अगस्त
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