
Clerk sent to jail in case of disproportionate assets, wife and son go
रीवा। आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में ईओडब्लू ने लिपिक सहायक ग्रेड तीन सहित उनकी पत्नी व बेटे को गिरफ्तार किया है। पूरे मामले को सुनवाई के लिए चालान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है जिस पर न्यायालय ने लिपिक को जेल भेज दिया है। वहीं पत्नी व बच्चे को जमानत दे दी गई है।
दो साल लोकायुक्त ने की थी कार्रवाई
पूरा मामला दो साल पुराना है। शिक्षा विभाग में पदस्थ लिपिक महेन्द्र सिंह सहायक ग्रेड के घर में दबिश दी थी। उनके खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति की शिकायत मिली थी। ईओडब्लू ने उनके घर से सम्पत्ति का ब्यौरा जुटाया जो 2.50 करोड़ के आसपास की सम्पत्ति सामने आई थी। उनके सेवाकाल की सम्पत्ति 86 लाख थी। उनके पास 1.64 लाख रुपए की बेनामी सम्पत्ति मिली थी। कुछ सम्पत्ति उन्होंने अपनी पत्नी व पुत्र के नाम पर भी लिया था। वहीं पैतृक सम्पत्ति के रूप में महज डेढ़ एकड़ की जमीन के दस्तावेज मिले थे। जांच में तमाम सम्पति की जानकारी जुटाकर ईओडब्लू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया था।
आए से अधिक सम्पत्ति की मिली थी शिकायत
उनके यहां से मिली सम्पत्ति की लगातार जांच की गई और पत्नी व पुत्र की कोई आय के स्त्रोत नहीं मिले है जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उनके नाम पर भी सम्पत्ति लिपिक ने ही खरीदी थी। पूरे मामले की जांच पूरी हेाने के बाद पत्नी व पुत्र को भी ईओडब्लू ने आरोपी बनाया और तीनों को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय ने पुत्र और पत्नी को जमानत पर रिहा कर दिया जबकि लिपिक को जेल भेजने का आदेश दिया है।
संकुल के शिक्षक थे अतिरिक्त आय के स्त्रोत
प्रारंभिक जांच में संकुल के शिक्षकों से अवैध वसूली कर बेनामी सम्पत्ति बनाने की जानकारी सामने आई है। संकुल में करीब 200 शिक्षक होते है और उनके सारे कार्य सहायक ग्रेड तीन के द्वारा होते है। इन शिक्षकों से विभिन्न कामों के नाम पर अवैध वसूली कर लिपिक ने इतनी बड़ी सम्पत्ति अर्जित की है। हालांकि कुछ अन्य माध्यम से आय होने की जानकारी सामने आई लेकिन ईओडब्लू ने इसका खुलासा नहीं किया है।
Published on:
25 Jun 2023 06:51 pm

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