विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार गृह नगर पहुंचे गिरीश गौतम, कहा- पद पर रहकर करेंगे ये खास काम

रीवा में विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम का भव्य नागरिक अभिनंदन। माता-पिता और गुरुजन को प्रणाम के साथ बात शुर की। लोगों से स्वागत पर जताया आभार।

By: Faiz

Published: 06 Mar 2021, 06:59 PM IST

रीवा/ मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष बनने के बाद शनिवार को पहली बार अपने गृहनगर रीवा पहुंचे गिरीश गौतम का शहर के नागरिकों ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने शहरवासियों द्वारा किये गए सवागत पर आभार जताया। साथ ही, अपने माता-पिता और गुरुजन को प्रणाम के साथ अपनी बात शुर की।

 

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'न्याय का साथ नहीं छोड़ूंगा'

अपनी बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि, राजनीति में जाने का जो दूसरा रास्ता ढूंढ़ते हैं, उनके लिए ये अध्यक्ष पद संकेत है कि, संघर्ष के रास्ते से भी राजनीति में ऊंचाई तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने विध्य की जनता से वादा करते हुए कहा कि, 'मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि, जिस कुर्सी पर मैं बैैठा हूं, उसपर बैठकर जो फैसले करूंगा निष्पक्षता से करूंगा। मुझे अभय मिश्रा ने न्याय का तराजू दिया है। तराजू की जो न्याय की देवी की आंख में भले ही पट्टी बंधी हैं, लेकिन मैं न्याय आंख खोलकर करूगां।


रीवा की जनता के पक्ष में खड़ा रहूंगा- गिरीश गौतम

उन्होंने कहा कि, 'मैं रीवा की जनता के पक्ष में खड़ा रहूंगा। इसपर भले ही कोई मुझे पक्षपाती क्यों न कहे। रीवा का पक्ष लेना मेरा धर्म है, मेरा कर्म है, मेरा दायित्व है। उस कुर्सी में बैठकर अगर लगता हो कि, मैं रीवा के साथ पक्षपात करता हूं तो मैं इस आरोप को स्वीकार करता हूं। मैं कुर्सी पर बैठकर माता-पिता और आप सबको भूल नहीं सकता, चाहे जो हो। भाजपा ने मुझे अवसर दिया। संगठन के नेताओं को और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भूल नहीं सकता।


मेरे सामने सबसे बड़ी चुनौती मैं खुद हूं- गौतम

विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि, मेरे सामने कोई चुनौती नहीं है, मेरे सामने सबसे बड़ी चुनौती मैं खुद हूं। मेरे द्वारा स्थापित विचारों को पूरा करने की चुनौती है। ईश्वर मुझेे शक्ति दे कि, रीवा की जनता के कल्याण का काम कर सकूं। मेरे अंतर्मन की आवाज ही मेरी चुनौती है। उसी के आधार पर काम करता रहूंगा।

 

इस तरह काम के भार को करेंगे कम

उन्होंने कहा कि, मेरे कंधे पर भार है, लेकिन मेरे पास आठ विधायक हैं, थोड़ा-थोड़ा बांटेगे तो भार कम हो जाएगा। मुझे ऐसी विचारधारा चाहिए, जिससे विंध्य का रीवा का विकास हो सके। हमे ऐसे मंथन की जरूरत है कि, जिससे जहर भी निकले तो ऐसा निकले जो सांप को मारने वाला हो।

 

बताया- कैसे होगी विंध्य की उन्नति

मैं अपने कर्तव्यों से और आपके सहयोग से ये प्रयास करूंगा कि, इस क्षेत्र का सेवक बनकर काम कर सकूं, यही मेरी इच्छा है। पूरे प्रदेश के अंदर रीवा और विंध्य के लोगों के कल्याण काम ज्यादा से ज्यादा हो, हम सब को मिलकर ये करना होगा, तभी यहां के विकास की गति तेज होगी। गोतम ने कहा कि, 'मैं महावत की भूमिका में हूं। अब विधायकों को संबल मिलेगा, मैं उस पंचायत से हूं जहां से तीन विधायक हुए हैं। जरहा, करौदी, मिसिरगवां। इन सबके सहयोग से विंध्य की उन्नति में बल मिलेगा।

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