
भारत माता की रक्षा में लिए महार रेजिमेंट सेंटर में तैयार 205 नवसैनिकों ने ली राष्ट्रसेवा की शपथ
सागर. महार रेजिमेंट सेंटर में शुक्रवार की सुबह का सूरज 205 नवसैनिकों के जीवन में नई रोशनी लेकर आया। रेजिमेंट सेंटर स्थित शहीद अनुसुइया प्रसाद मैदान पर राष्ट्रध्वज की मौजूदगी में जवानों ने राष्ट्रसेवा का संकल्प लिया। परेड के बाद भारत माता के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने की कसम और यश सिद्धि के जयघोष के साथ अंतिम पग से गुजरते गए। इस स्वर्णिम अवसर के साक्षी बनने देश के कोने-कोने से आए उनके परिजन भी दर्शक दीर्घा में उन्हें एकटक निहारते रहे। सेना की वर्दी में सजे अपने बेटों, भाइयों को देख कई मां और बहन तो इतनी भावुक हो गईं की उनकी आंखों से अश्रुधारा बह निकली।
पासिंग आउट परेड की सलामी महार रेजिमेंट सेंटर के कमांडेंट बिग्रेडियर असित बाजपेई ने ली। उन्होंने अपने संबोधन में न केवल रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास और वीर सैनिकों की शहादत को याद किया बल्कि राष्ट्र की सेवा करते हुए वर्तमान परिस्थितियों और चुनौतियों के खिलाफ डटे रहकर देश की सेवा और रक्षा के लिए नवसैनिकों को प्रेरित किया। उन्होंने 34 महीने के कठिन प्रशिक्षण, ड्रिल, पीटी, फायरिंग, खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नवसैनिकों को बधाई दी और विभिन्न क्षेत्रों में अव्वल रहे नवसैनिकों के सीने पर पदक लगाकर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।
गूंजी पूर्व प्रधानमंत्री अटलजी की कविता -
कमांडेंट बिग्रेडियर असित बाजपेई ने संबोधन के बीच पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी बाजपेई की कविता की पंक्तियां पढ़ीं तो रेजिमेंट सेंटर का कोना-कोना राष्ट्रभक्ति में झूम उठा। पंक्तियां 'कदम मिला कर चलना होगा, बाधाएं आती हैं आएं, घिरे प्रलय की घोर घटाएं। पांवों के नीचे अंगारे, सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं। निज हाथों से हंसते-हंसते, आग लगाकर जलना होगा। सुनकर दर्शक दीर्घा में मौजूद नवसैनिकों के परिजन और रेंजिमेंट के देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनात सैन्य अफसर व उनके परिवार के सदस्य खो से गए।
देशभक्ति और साहसिक कार्यक्रमों ने मोहा मन -
रेजिमेंट सेंटर में लंबे समय बाद शुक्रवार को वह मौका आया जब पासिंग आऊट परेड के साथ जवानों द्वारा साहस और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। सैनिकों की एक टोली ने मलखम्भ पर अपने साहस का प्रदर्शन किया 20 जवानों ने सिपाही सुनील करातके के नेतृत्व में शारीरिक दक्षता को प्रदर्शित किया। वहीं सूबेदार संजू वारभुवन के मार्गदर्शन में 50 सैनिकों ने महाराष्ट्र में प्रमुख आयोजनों में होने वाले लेजिम लोकनृत्य के साथ देशभक्ति प्रस्तुतियां दी गई। परेड ओर सांस्कृति कार्यक्रम उपरांत ब्रिगेडियर बाजपेई ने परिजनों व नवसैनिकों से मुलाकात कर देश सेवा के क्षेत्र में आने के लिए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।
Published on:
01 Feb 2020 10:43 pm
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